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कम उम्र में क्यों सफेद होने लगते हैं बाल? जानें इसके कारण, बचाव और कब डॉक्टर से लें सलाह ( lifestyle)

Premature Grey Hair Causes: कम उम्र में बाल सफेद होने के पीछे आनुवंशिकता, विटामिन B12 और आयरन की कमी समेत कई कारण हो सकते हैं. जानिए क्या तनाव से बाल सफेद होते हैं, क्या इन्हें दोबारा काला किया जा सकता है और कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

Premature Grey Hair Causes

Premature Grey Hair Causes

Premature Grey Hair Causes: कम उम्र में बाल सफेद होना आज कई लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है. कुछ लोगों के बाल किशोरावस्था या युवावस्था में ही सफेद होने लगते हैं, जबकि कुछ के बाल उम्र बढ़ने के साथ सफेद होते हैं. बालों का प्राकृतिक रंग मेलेनिन नामक पिगमेंट से निर्धारित होता है. जब बालों के फॉलिकल्स में मेलेनिन का उत्पादन कम होने लगता है, तो नए बाल सफेद या ग्रे दिखाई देने लगते हैं. आइए जानते हैं इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं.

आनुवंशिक कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

कम उम्र में बाल सफेद होने की सबसे प्रमुख वजहों में आनुवंशिकता शामिल है. यदि माता-पिता या परिवार के अन्य करीबी सदस्यों के बाल कम उम्र में सफेद हुए हैं, तो अगली पीढ़ी में भी इसकी संभावना बढ़ सकती है. ऐसे मामलों में बालों का सफेद होना जरूरी नहीं कि किसी बीमारी का संकेत हो.

पोषण की कमी भी हो सकती है वजह

शरीर में विटामिन B12, आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्वों की कमी को समय से पहले बाल सफेद होने से जोड़ा गया है. हालांकि, हर व्यक्ति में सफेद बालों का कारण पोषण की कमी नहीं होता. इसलिए बिना जांच के विटामिन या सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है. संतुलित आहार में दालें, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना फायदेमंद है.

क्या तनाव से भी सफेद होते हैं बाल?

तनाव और बालों के रंग के बीच संबंध को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन हुए हैं. कुछ शोध बताते हैं कि गंभीर तनाव बालों में पिगमेंट बनाने वाली कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, तनाव ही सफेद बालों का एकमात्र कारण नहीं है. आनुवंशिकता और उम्र भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं.

क्या सफेद बाल दोबारा काले हो सकते हैं?

फिलहाल ऐसा कोई प्रमाणित तरीका नहीं है, जो उम्र से जुड़े सफेद बालों को स्थायी रूप से प्राकृतिक रंग में बदल सके. यदि बालों के सफेद होने का संबंध किसी पोषण की कमी या उपचार योग्य स्वास्थ्य समस्या से है, तो उसका इलाज आगे होने वाले बदलावों को प्रभावित कर सकता है. हेयर डाई सफेद बालों को छिपा सकती है, लेकिन मेलेनिन का उत्पादन नहीं बढ़ाती.

कब डॉक्टर से लें सलाह?

यदि बहुत कम उम्र में बाल तेजी से सफेद हो रहे हैं या इसके साथ बाल झड़ने, अत्यधिक थकान अथवा त्वचा में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें. सही कारण का पता लगाने के बाद ही उचित उपचार चुनना बेहतर है. संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली और जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच बालों की देखभाल का व्यावहारिक तरीका है.

भारत एक्सप्रेस



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