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यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से झटका

सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को मेडिकल आधार पर पैरोल बढ़ाने से इनकार कर दिया है.

आसाराम बापू. (फाइल फोटो: IANS)

Edited by Sahil Singh

सुप्रीम कोर्ट से यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राहत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने मेडिकल आधार पर आसाराम बापू की पैरोल की अवधि को बढ़ाने से इनकार कर दिया है. जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने आसाराम को आज शाम 5 बजे तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने राजस्थान सरकार से आसाराम के स्वास्थ्य का ख्याल रखने को कहा है.

आसाराम को मिली 20 दिन की पैरोल की अवधि आज खत्म हो रही है. जिसको बढ़ाने की मांग को लेकर आसाराम ने अर्जी दाखिल किया था. आसाराम उज्जैन के एक.अस्पताल में भर्ती है. इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट ने नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया था. अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए नियमित जमानत की मांग की है. इससे पहले कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर आसाराम दोबारा जमानत की मांग कर सकते है.

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर मांगी राय

पिछली सुनवाई के दौरान एम्स ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आसाराम को 24 घंटे चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है.कोर्ट ने एम्स को आसाराम की स्वास्थ्य की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया था. वही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया था कि वह आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर यह बताए कि क्या उनकी स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में इतनी गंभीर है कि उन्हें ईलाज के लिए कुछ समय की अंतरिम जमानत प्रदान किया जाना चाहिए. सुनवाई के दौरान कहा था कि वह राज्य के मूल्यांकन के आधार पर ही फैसला करेगी.

मामले की सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि आसाराम पूरी तरह से फिट है. वह तीन महीने पहले ही अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे. हर जगह पैदल गए थे और यात्रा की थी. वह फिट कंडीशन में है. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित होता है कि आसाराम की हालत वास्तव में गंभीर है, अदालत नही चाहती कि उनके साथ कोई अनहोनी हो. कोर्ट ने साफ किया था कि जरूरत पड़ने पर ईलाज के लिए सीमित अवधि तक अंतरिम जमानत देने पर विचार किया जा सकता है.

आसाराम ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा था. आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से पहली बार 7 जनवरी 2025 को स्वास्थ्य आधार पर 31 मार्च 2025 तक अंतरिम जमानत मिली थी.

बाद में इस अवधि को बढ़ा दिया गया और 29 अक्टूबर 2025 को उन्हें छह महीने की और अंतरिम जमानत प्रदान की गई. आसाराम बापू को गांधी नगर के सेंशन कोर्ट ने 2013 के बलात्कर के मामले में 2023 को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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