MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से एक हैरान कर देने वाला ठगी का मामला सामने आया है. सरकारी नौकरी की चाहत में कुछ बेरोजगार युवक शातिर ठगों के ऐसे जाल में फंसे कि उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई गंवा दी. पटवारी की नौकरी लगवाने का झांसा देकर इन युवकों से करीब 50 लाख रुपये ठग लिए गए हैं. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है.
ऐसे बुना गया ठगी का पूरा जाल
इस ठगी की शुरुआत साल 2023 में हुई थी. शहर के सिटी सेंटर इलाके में रहने वाले 48 वर्षीय राजवीर सिंह तोमर ने पुलिस में ई-एफआईआर दर्ज कराई है. उन्होंने बताया कि उनकी और उनके साथियों की मुलाकात अरविंद नरवरिया नाम के शख्स से हुई थी. अरविंद ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह उन्हें पटवारी की नौकरी दिलवा सकता है, बस इसके लिए कुछ पैसे एडवांस देने होंगे और बाकी रकम ज्वाइनिंग के बाद देनी होगी.
विश्वास जीतने के लिए आरोपी पीड़ितों को भोपाल भी लेकर गया. वहां उसने एक व्यक्ति (प्रदीप गौतम) से मिलवाकर कहा कि यह व्यापम में काम करता है और यही पूरा सेटलमेंट करा रहा है. शुरुआत में रवि शर्मा और शत्रुघन शर्मा से 4 लाख रुपये एडवांस ले लिए गए. इसके बाद ठगों ने कहानी बदलते हुए कहा कि अब सारा काम गोवर्धन सिंह तोमर संभाल रहे हैं जो कि एसटीएफ (STF) में हैं.
फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और कलेक्टर ऑफिस के चक्कर
ठगों का शातिरपन यहीं नहीं रुका. गोवर्धन ने पीड़ितों को एक फर्जी लिस्ट दिखाई जिसमें उनके नाम दर्ज थे. शक न हो, इसके लिए वेरिफिकेशन के नाम पर कभी भोपाल, कभी जबलपुर तो कभी भिंड कलेक्टर कार्यालय बुलाया गया. वहां उनसे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए और अंत में उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी थमा दिए गए. साथ ही यह कहकर रोक दिया गया कि जब कहा जाएगा तब ज्वाइन करना है.
इस बीच आरोपियों ने कहा कि अगर उनके कोई और रिश्तेदार या दोस्त भी नौकरी चाहते हैं, तो उन्हें भी ले आएं. इस लालच में आकर कई अन्य युवक भी इनके झांसे में फंस गए. आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में फोन-पे और बैंक खातों के जरिए कुल 50 लाख रुपये ऐंठ लिए.
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पोल खुली तो भागे आरोपी
जब एक साल तक नौकरी नहीं लगी और इन युवकों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपियों ने साफ मुकर जाना और धमकाना शुरू कर दिया. ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने हिम्मत जुटाई और सीधे थाटीपुर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई.
पीड़ितों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अरविंद नरवरिया, गोवर्धन तोमर और प्रदीप गौतम (जो मुरैना-ग्वालियर के रहने वाले बताए जा रहे हैं) के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब इन शातिर ठगों की तलाश में जुट गई है ताकि इस पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके.
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