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Maharashtra Farmer Scheme: महाराष्ट्र में कमजोर मॉनसून और सूखे से परेशान किसानों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है. सरकार सूखे से प्रभावित किसानों के खातों में 5000-5000 रुपये की वित्तीय सहायता भेजने जा रही है, जिससे करीब 1.5 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है.
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की 304 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है, जहां खरीफ फसल को नुकसान झेलने वाले किसानों को 5000 रुपये की शुरुआती मदद दी जा रही है. यह पैसा सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा. हालांकि, इसके लिए किसानों को अपनी ई-केवाईसी और बैंक खाते की जानकारी दुरुस्त रखनी होगी ताकि भुगतान में कोई रुकावट न आए.
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को मिलेंगे 5000 रुपये
महाराष्ट्र में इस बार कमजोर मॉनसून की वजह से किसानों के सामने कई गंभीर परेशानियां खड़ी हो गई हैं. इसे देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के बैंक खातों में 5000-5000 रुपये की आर्थिक मदद भेजने का फैसला किया है. इसके लिए सरकार ने 7500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे लगभग 1.5 करोड़ किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है. यह राशि सीधे पात्र किसानों के खातों में भेजी जाएगी और इसके लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है.
किन किसानों को मिलेगा इस योजना का लाभ?
राज्य सरकार ने प्रदेश की 304 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है. इन इलाकों में जिन किसानों की खरीफ फसल को 33 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान हुआ है, उन्हें यह 5000 रुपये की शुरुआती मदद दी जाएगी. फसल नुकसान का विस्तृत सर्वे पूरा होने के बाद आगे की सहायता राशि भी तय की जा सकती है.
ई-केवाईसी और फार्मर आईडी को लेकर जरूरी नियम
सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए ई-केवाईसी के नियमों को आसान बनाया है. जिन किसानों ने 1 नवंबर 2025 के बाद किसी सरकारी योजना के तहत ई-केवाईसी पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं है. वहीं, जिनकी ई-केवाईसी अधूरी है, वे नजदीकी कृषि कार्यालय या तहसील से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, वन अधिकार के तहत खेती करने वाले जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं है, वे ई-केवाईसी के आधार पर मदद पा सकते हैं.
पैसा अटकने से बचाने के लिए किसानों को क्या करना चाहिए?
सहायता राशि आपके खाते में बिना किसी रुकावट के पहुंचे, इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
- सबसे पहले अपनी ई-केवाईसी की स्थिति की ऑनलाइन या संबंधित कार्यालय से जांच करें.
- अपना बैंक खाता चालू रखें और उसमें दर्ज सभी जानकारियां सही होने की पुष्टि करें.
- यदि फसल नुकसान का सर्वे नहीं हुआ है या रिकॉर्ड में नाम नहीं दिख रहा है, तो तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करें.
- सहायता राशि आने की पुष्टि बैंक पासबुक या मोबाइल बैंकिंग के जरिए करें.
- किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी शेयर न करें और सहायता के नाम पर पैसे न दें.
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-भारत एक्सप्रेस
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