ग्लेशियल झील टूटने से भूटान में हाहाकार
Bhutan Flash Flood: भूटान में ग्लेशियल झील टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ से कई इलाके बर्बाद हो गए. पुनाखा में मो छू नदी का जलस्तर बढ़ने से सोलर इरिगेशन प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है. वहीं, बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए भारी मलबे ने पुनाखा-गासा हाईवे पर आवाजाही भी रोक दी है. इस प्राकृतिक आपदा का असर भारत के पश्चिम बंगाल तक पहुंचने की आशंका के बीच अलीपुरद्वार में भी प्रशासन अलर्ट पर है. यहां करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
भूटान के पुनाखा में मो छू नदी में आए फ्लैश फ्लड के कारण दोछुका-जोमलिंगथांग-रित्सा चीवोग में लगा सोलर इरिगेशन लिफ्टिंग सिस्टम आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है. बाढ़ के बाद से इस सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया है.
एक स्थानीय नेता के मुताबिक फिलहाल पूरा सिस्टम बंद पड़ा है. हालांकि, इसे कितना नुकसान पहुंचा है, इसका सही आकलन अभी नहीं किया गया है. खास बात यह है कि स्थानीय लोगों को सिंचाई की समस्या से राहत दिलाने के लिए इसी साल इस सोलर सिस्टम को लगाया गया था. ऐसे में इसके बंद होने से इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ सकती है.
After Nepal, now Bhutan: a glacier collapse has breached Shintaphu Lake’s natural dam in Gasa district, sparking GLOF flood fears.If water levels rise,Alipurduar, Cooch Behar & Kokrajhar could be hit.
Recurring disasters like these are a stark warning of global warming’s reality. https://t.co/2yc1FHltYu— Mayukh Biswas (@MayukhDuke) October 30, 2026
हाईवे पर गिरा भारी मलबा
फ्लैश फ्लड का असर सिर्फ सोलर प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है. नदी के पानी के साथ बहकर आए भारी मलबे ने सड़क पर भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. जोमलिंगथांग इलाके में पुनाखा-गासा हाईवे का एक हिस्सा मलबे के कारण ब्लॉक हो गया है. इससे इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
भूटान से पश्चिम बंगाल तक बाढ़ का खतरा
भूटान में झील से अचानक पानी निकलने के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं. इसका असर भारत के पश्चिम बंगाल तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए अलीपुरद्वार जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया है.
प्रशासन ने जिले में करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. इन लोगों को स्कूलों और राहत शिविरों में ठहराया गया है. संभावित बाढ़ से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है, जबकि एनडीआरएफ की टीम को भी मौके के लिए रवाना किया गया है.
इस बीच कुमारग्राम इलाके से राहत की खबर आई है. यहां फ्लैश फ्लड के पानी का असर खत्म होने और सभी लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है.
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अलीपुरद्वार प्रशासन ने लोगों से की अपील
अलीपुरद्वार के एसपी अमित कुमार शाह ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही है. उन्होंने कहा, ‘सिचुएशन पूरी तरह कंट्रोल में है.’ एसपी के मुताबिक, जिला प्रशासन, पुलिस, बीडीओ और दूसरी एजेंसियां मिलकर हालात पर नजर रख रही हैं. इसके साथ ही भूटान के अधिकारियों से भी लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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