भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो (Reliance Jio) की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा सितंबर 2026 के लिए जारी आंकड़ों और विश्लेषकों की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जियो ने सितंबर माह में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) की तुलना में करीब 10 गुना अधिक रेगुलर मोबाइल सब्सक्राइबर्स जोड़े हैं.
सितंबर में जियो ने अपने नेटवर्क पर 1.9 मिलियन (19 लाख) नए नियमित मोबाइल उपभोक्ता जोड़े, जबकि भारती एयरटेल की झोली में महज 0.2 मिलियन (2 लाख) नए ग्राहक ही आ सके.
कुल रेगुलर यूजर्स में जियो सब पर हावी
एनालिस्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, मशीन-टू-मशीन (M2M) कनेक्शनों को छोड़कर पूरे देश में रेगुलर मोबाइल सब्सक्राइबर्स की संख्या सितंबर में 2.2 मिलियन बढ़कर कुल 1.15 अरब (1.15 बिलियन) तक पहुंच गई. इस कुल बढ़ोतरी का सबसे बड़ा हिस्सा जियो की झोली में गया.
- देश में जुड़े कुल नए रेगुलर मोबाइल ग्राहकों में से लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले जियो की रही.
- सितंबर के अंत तक जियो का कुल रेगुलर मोबाइल यूजर बेस बढ़कर 511.1 मिलियन (51.11 करोड़) पर पहुंच गया.
- दूसरी ओर, भारती एयरटेल का कुल यूजर बेस 494.2 मिलियन (49.42 करोड़) दर्ज किया गया.
एयरटेल की धीमी रफ्तार की वजह क्या?
सितंबर का महीना एयरटेल के लिए अनुकूल साबित नहीं हुआ. कंपनी द्वारा जोड़े गए 2 लाख रेगुलर ग्राहक हाल के महीनों में उसकी सबसे धीमी मासिक वृद्धि को दर्शाते हैं.
विश्लेषकों का मानना है कि एयरटेल द्वारा अगस्त में अपना किफायती ₹299 वाला लो-कॉस्ट प्रीपेड प्लान बंद करना इस गिरावट का एक प्रमुख कारण हो सकता है. इस फैसले के चलते कंपनी कम कीमत के रिचार्ज पर निर्भर रहने वाले प्राइस-सेंसिटिव (सस्ते प्लान चाहने वाले) उपभोक्ताओं को अपने साथ बनाए रखने में पिछड़ गई.
हालांकि, ट्राई के आंकड़ों में एयरटेल के कुल वायरलेस कनेक्शनों में 2.69 मिलियन का इजाफा दिखा है, लेकिन जब इसमें से M2M (मशीन-टू-मशीन) कनेक्शनों को अलग किया गया, तो वास्तविक मोबाइल उपभोक्ताओं की वृद्धि केवल 2 लाख ही रह गई.
एक्टिव सब्सक्राइबर्स में सिर्फ जियो ने दर्ज की बढ़त
एक्टिव यूजर्स (VLR डेटा) के मामले में भी जियो ने बाजी मारी. सितंबर महीने में देश भर में कुल एक्टिव मोबाइल यूजर्स की संख्या में 6 लाख (600,000) का शुद्ध इजाफा हुआ.
- रिलायंस जियो: जियो ने अकेले 1.3 मिलियन (13 लाख) नए एक्टिव यूजर्स अपने नेटवर्क में जोड़े.
- भारती एयरटेल: एयरटेल को सितंबर में 2 लाख (200,000) एक्टिव यूजर्स का नुकसान उठाना पड़ा.
- वोडाफोन आइडिया (Vi): वीआई के एक्टिव सब्सक्राइबर्स में 3 लाख (300,000) की गिरावट दर्ज की गई.
ट्राई के ताजा आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों में केवल जियो ही अपने एक्टिव और रेगुलर दोनों यूजर बेस को आक्रामक रूप से बढ़ाने में सफल रहा है, जबकि एयरटेल और वीआई के सामने अपने मौजूदा ग्राहकों को सहेजने और विकास की गति को वापस पटरी पर लाने की कड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.
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