अक्टूबर का महीना पूरे देश में त्योहारों की चमक लेकर आता है. धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे पावन पर्वों के दौरान हर कोई चाहता है कि उनके घर में सुख-समृद्धि आए और मां लक्ष्मी का स्थायी वास हो. अगर आप भी इस दिवाली मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो देश-विदेश में स्थित मां के इन दिव्य और शक्तिपीठ मंदिरों के दर्शन जरूर करें. मान्यता है कि इन स्थानों पर मां के दर से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता.
कोल्हापुर का श्री महालक्ष्मी शक्तिपीठ
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर एक बेहद प्रसिद्ध शक्तिपीठ है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां माता सती के नेत्र गिरे थे. दीपावली और नवरात्रि के दिनों में इस मंदिर का भव्य नजारा देखने लायक होता है, जहां देवी मां की प्रतिमा को सोने, चांदी और हीरे-जवाहरात से भव्य रूप में सजाया जाता है. यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है.
बांग्लादेश का महालक्ष्मी ग्रीवा शक्तिपीठ
बांग्लादेश के सिलहट जिले के जोइनपुर गांव में स्थित ‘महालक्ष्मी गर्भ शक्तिपीठ’ भी एक अद्भुत और पवित्र स्थान है, जिसे ‘श्री शैल’ या ‘ग्रीवा शक्तिपीठ’ के नाम से भी जाना जाता है. माना जाता है कि यहां माता सती का गला (ग्रीवा) गिरा था. दीपावली के अवसर पर इस मंदिर को खास तौर पर सजाया जाता है और दूर-दूर से भक्त अपनी मुरादें लेकर यहां पहुंचते हैं.
चेन्नई का अष्टलक्ष्मी मंदिर और उज्जैन का गज लक्ष्मी मंदिर
तमिलनाडु के चेन्नई स्थित बेसेंट नगर में प्रसिद्ध ‘अष्टलक्ष्मी मंदिर’ है. यहां देवी लक्ष्मी अपने आठों दिव्य स्वरूपों- आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी और वीरलक्ष्मी के रूप में भक्तों को दर्शन देती हैं. अनोखी वास्तुकला वाले इस मंदिर में पूजा करने से धन और संतान सुख दोनों प्राप्त होते हैं.
वहीं, मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित सर्राफा बाजार के पास 2,000 साल पुराना ऐतिहासिक मंदिर मौजूद है, जहां माता लक्ष्मी सफेद हाथी पर सवार ‘गज लक्ष्मी’ के रूप में विराजमान हैं. माता का ऐसा दुर्लभ और अनोखा रूप पूरे देश में शायद ही कहीं और देखने को मिले. यहां दर्शन-पूजन करने से व्यक्ति को सौभाग्य और समृद्धि का अक्षय वरदान मिलता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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