राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में देशभक्ति और एकता का खास माहौल देखने को मिला. इस अवसर पर आयोजित ‘एकता दौड़’ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिस्सा लिया और देश के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल का पूरा जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की मिसाल है. देश के हर युवा को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जिस मजबूत और एकजुट भारत का सपना देखा था, आज देश उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई. इसका उद्देश्य देश की नई पीढ़ी को उनके योगदान और विचारों से परिचित कराना है.
सरदार पटेल ने असंभव को कर दिखाया संभव
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के समय दुनिया के कई बड़े राजनीतिक जानकारों को लगता था कि भारत लंबे समय तक एक देश के रूप में नहीं टिक पाएगा. उन्हें आशंका थी कि अलग-अलग रियासतों, भाषाओं और संस्कृतियों वाला यह देश आजादी के बाद बिखर जाएगा.
लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने इन सभी आशंकाओं को गलत साबित कर दिया. उन्होंने आजादी के बाद महज 1,218 दिनों में सैकड़ों रियासतों को एकजुट करके अखंड भारत की नींव मजबूत कर दी. शाह के मुताबिक, आज दुनिया के सामने भारत जिस एकजुट और मजबूत रूप में खड़ा है, उसके पीछे सरदार पटेल की दूरदर्शिता और मेहनत का बहुत बड़ा योगदान है.
उन्होंने यह भी कहा कि पटेल ने केवल राजनीतिक सीमाओं को जोड़ने का काम नहीं किया, बल्कि देश की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को भी मजबूत बनाया. सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कल्पना भी सरदार पटेल ने ही की थी.
2029 तक नशामुक्त भारत बनाने का लक्ष्य
राष्ट्रीय एकता दिवस के मंच से अमित शाह ने देश को नशे की समस्या से मुक्त करने का संकल्प भी दोहराया. उन्होंने कहा कि इसी साल 31 मार्च को देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और अब सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य नशामुक्त भारत बनाना है.
शाह ने देशवासियों से अपील की कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशे से मुक्त बनाने के अभियान में सभी लोग अपनी भागीदारी निभाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए नशामुक्त समाज बनाना बेहद जरूरी है. युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें सही दिशा देना इस लक्ष्य का अहम हिस्सा है.
मोदी सरकार के कामों का भी किया जिक्र
अपने भाषण में गृह मंत्री ने केंद्र सरकार के पिछले कुछ वर्षों के बड़े फैसलों को भी गिनाया. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाना, कश्मीर को देश की मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ना, नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और एक देश, एक कर प्रणाली लागू करना ऐसे कदम हैं, जिन्होंने भारत को नई दिशा दी है.
उन्होंने कहा कि देश की अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं और संस्कृतियां हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं. भारत की असली पहचान उसकी विविधता में छिपी एकता है. यही संदेश सरदार पटेल ने देश को दिया था.
अमित शाह ने आगे कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के जरिए देश को आर्थिक और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने की कोशिश हो रही है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है और वैश्विक स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी किया जिक्र
अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल को लंबे समय तक वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने सरदार पटेल के योगदान को उचित महत्व नहीं दिया और उन्हें भुलाने की कोशिश की.
शाह के मुताबिक, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने सरदार पटेल की याद में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनवाने की पहल की. इसके जरिए सरदार पटेल के व्यक्तित्व और देश के लिए उनके योगदान को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई गई.
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर देशभर में एकता दौड़ का आयोजन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस अवसर पर पुलिस बलों की परेड की सलामी लेकर शाम 4:30 बजे देश को राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे.
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