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Supreme Court Update: क्या आजम खान को मिलेगी राहत? ED की कार्रवाई को चुनौती देने वाली अर्जी पर जल्द सुनवाई

Supreme Court: आजम खान ने अदालत के उस आदेश को रद्द करने और तुरंत रिहाई की मांग की है. अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है.

Supreme Court
Edited by Shubhra Rai

Supreme Court: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई का भरोसा दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने दायर याचिका पर इसी हफ्ते सुनवाई करेगा.

आजम खान ने ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती दी है

यह मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है. जिस मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है. आजम खान फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. जिसके खिलाफ आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर वरिष्ठ वकील निजाम पाशा ने सीजेआई के समक्ष मेंशन कर जल्द सुनवाई की मांग की. जिसपर कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया. आजम खान ने अपनी याचिका में 29 अक्टूबर को डबल पैन कार्ड मामले में जेल से रिहा होने के 40 मिनट बाद ही ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती दी है.

आजम खान ने अदालत के आदेश को रद्द करने और रिहाई की मांग की है

आजम खान ने 1 नवंबर के उस विशेष अदालत के आदेश को रद्द करने और रिहाई की मांग की है. इससे पहले शनिवार को रामपुर जेल से रिहा होने के तुरंत बाद आजम खान को ईडी ने हिरासत में ले लिया था. वे दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को ही जेल से बाहर आए थे. ईडी का आरोप है कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और आम जनता से जुड़े कामों के लिए रखा गया सरकारी धन जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल किया गया. इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बताया गया है. इसी आधार पर एजेंसी ने 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क किया था. ये आरोप ईडी के हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है.

बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम खान और सपा नेता आजम खान के खिलाफ 6 दिसंबर 2019 को रामपुर के सिविल लाइन थाने में दो पैन कार्ड रखने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना का कहना था कि अब्दुल्ला आजम ने 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी शपथ पत्र में गलत पैन नंबर दर्ज किया था.

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