देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नीति आयोग के नए नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक में देश की आर्थिक तरक्की, रोजगार के नए अवसर और घरेलू उद्योगों को मजबूती देने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है. इसके अलावा, आने वाले केंद्रीय बजट 2027-28 को ध्यान में रखते हुए सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं पर भी विचार किया जा सकता है.
इस बैठक का मुख्य मकसद सरकार की मौजूदा नीतियों और विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करना है. साथ ही यह भी तय करने की कोशिश होगी कि आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए, ताकि विकसित भारत का सपना केवल एक लक्ष्य बनकर न रह जाए, बल्कि उसे जमीन पर उतारा जा सके.
रोजगार और घरेलू उद्योगों पर रहेगा खास जोर
बैठक में जिन मुद्दों पर सबसे ज्यादा ध्यान रहने की संभावना है, उनमें घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना और आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ाना शामिल है. सरकार चाहती है कि देश में उत्पादन क्षमता मजबूत हो और ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सके.
इस दौरान नीति आयोग के अलग-अलग सदस्य अपने-अपने विभागों और कार्यक्षेत्रों से जुड़े प्रेजेंटेशन भी दे सकते हैं. इनमें आने वाले समय की योजनाओं, नीतिगत बदलावों और विकास से जुड़ी प्राथमिकताओं की जानकारी दी जाएगी. इन प्रस्तुतियों के जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि 2047 के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए किन क्षेत्रों में तेजी से काम करने की जरूरत है.
नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल
प्रधानमंत्री के साथ होने वाली इस चर्चा में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनुराग जैन के शामिल होने की संभावना है. इनके अलावा आयोग के सदस्य राजीव गौबा, आर. बालसुब्रमण्यम, जोरम अनिया, केवी राजू, एम. श्रीनिवास, गोवर्धन दास और अभय करंदीकर भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं.
नीति आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस चर्चा का हिस्सा होंगे. माना जा रहा है कि बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों की चुनौतियों और उनके समाधान पर भी बातचीत होगी, ताकि विकास योजनाओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके.
क्या है विकसित भारत @2047 का लक्ष्य?
दरअसल, विकसित भारत @2047 केंद्र सरकार का एक दीर्घकालिक विजन है. इसका उद्देश्य देश की आजादी के 100 साल पूरे होने तक यानी वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है. इसके लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
सरकार का मानना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल बड़े आर्थिक आंकड़ों में सुधार काफी नहीं होगा. देश के हर वर्ग तक विकास का फायदा पहुंचाना भी जरूरी है. इसी वजह से मानव संसाधन और सामाजिक विकास को भी इस योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है.
पिछली बैठक में मानव विकास पर हुई थी चर्चा
इससे पहले 11 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की थी. उस बैठक का मुख्य विषय ‘विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ था.
इसमें देश के सभी 28 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासक शामिल हुए थे. इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था.
पिछली बैठक में इस बात पर जोर दिया गया था कि देश के विकास के लिए लोगों को बेहतर अवसर देना बेहद जरूरी है. इसमें युवाओं को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार के नए रास्ते खोलने जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी.
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