Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

‘IAS अफसरों जैसा DA और विज्ञापनों पर रोक’: हाई कोर्ट के कड़े तेवरों के बीच सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मुख्य सचिव

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को राहत देते हुए हाई कोर्ट के अवमानना आदेश पर रोक लगा दी है, डीए और पेंशन बकाए से जुड़े मामले में अब दिसंबर में सुनवाई होगी.

Supreme court

Supreme court

Edited by Shubhra Rai

Supreme Court: पंजाब के मुख्य सचिव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने पंजाब सरकार को 1 दिसंबर तक लिक्विडेशन प्लान का ब्यौरा देने को कहा है. इसके अलावे कोर्ट ने मुल्जिमों को 31 मार्च 2027 तक किए जाने वाले भुगतान को लेकर पंजाब सरकार से जानकारी देने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट का पंजाब HC के आदेश पर स्टे, दिसंबर में अगली सुनवाई

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने मुख्य सचिव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया है. कोर्ट दिसंबर में मामले में अगली सुनवाई करेगा. पंजाब के मुख्य सचिव ने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें मुख्य सचिव के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था. यह मामला कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बकाए के भुगतान से जुड़ा है. कोर्ट ने कहा कि उसने 12 अक्टूबर 2026 और 30 अक्टूबर 2026 के हाई कोर्ट के आदेशों का अवलोकन किया है.

मुख्य सचिव की व्यक्तिगत पेशी और रिटायर्ड इंजीनियर की याचिका

हाई कोर्ट ने आपराधिक अवमानना के मामले में पंजाब के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था. हाई कोर्ट ने पंजाब स्टेट पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड के एक रिटायर मुख्य अभियंता की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी. दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि हाई कोर्ट के 3 अगस्त के आदेशों का पालन नहीं किया गया. आदेश में लंबित डीए और महंगाई के बकाए का भुगतान 18 अगस्त को कहा गया था. हाई कोर्ट ने 3 अगस्त को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह अपने सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की सभी लंबित किस्तों का भुगतान करें.

आईएएस अफसरों जैसा डीए और फिजूलखर्ची पर रोक के निर्देश

हाई कोर्ट ने कहा था कि भुगतान की दर वही होनी चाहिए, जो पंजाब में तैनात आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को दी जा रही है. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि जब तक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाए का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक राज्य सरकार प्रिंट और सोशल मीडिया में बड़े पैमाने पर विज्ञापन जैसे गैर-जरूरी खर्च नहीं करेगी.

यह भी पढ़ें-‘जेल में ही मर जाऊंगा…’ आजम खान की गुहार पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाईकोर्ट को दिया बड़ा निर्देश

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital