देशभर में आज धनतेरस का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को धनतेरस की शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने भगवान धन्वन्तरि को नमन करते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और अच्छी सेहत बने रहने की कामना की. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक खास संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसका संबंध भगवान धन्वन्तरि की स्तुति से है.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को बधाई देते हुए कामना की कि भगवान धन्वन्तरि की कृपा हर व्यक्ति और परिवार पर बनी रहे. उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि सभी देशवासियों का जीवन सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य से रोशन रहे. साथ ही हर घर में खुशियों, उमंग और आनंद का दीप हमेशा जलता रहे.
पीएम मोदी ने साझा किया भगवान धन्वन्तरि का विशेष श्लोक
धनतेरस के मौके पर प्रधानमंत्री ने केवल शुभकामनाएं ही नहीं दीं, बल्कि भगवान धन्वन्तरि की महिमा बताने वाला एक प्राचीन संस्कृत श्लोक भी साझा किया. यह श्लोक इस प्रकार है:
“नमामि धन्वन्तरिमादिदेवं सुरासुरैर्वन्दितपादपद्मम्. लोके जरारुग्भयमृत्युनाशं दातारमीशं विविधौषधीनाम्॥”
इस श्लोक का सरल अर्थ है कि भगवान धन्वन्तरि आदिदेव हैं और देवता-असुर भी उनके चरणों में श्रद्धा से नमन करते हैं. उन्हें संसार से बुढ़ापा, बीमारी, भय और मृत्यु के कष्ट दूर करने वाला माना गया है. भगवान धन्वन्तरि को तरह-तरह की औषधियों का दाता और समस्त औषधियों का स्वामी भी कहा गया है. इस श्लोक के जरिए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की प्रार्थना की जाती है.
धनतेरस पर क्यों की जाती है भगवान धन्वन्तरि की पूजा?
हिंदू मान्यताओं में धनतेरस का संबंध सिर्फ धन और खरीदारी से नहीं है. इस दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान धन्वन्तरि को आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है. यही वजह है कि धनतेरस को धनत्रयोदशी के साथ-साथ धन्वन्तरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है.
मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा करने से परिवार में अच्छी सेहत, सुख और खुशहाली बनी रहती है. लोग अपने और अपने प्रियजनों के निरोगी जीवन की कामना करते हैं. आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सक और इस चिकित्सा पद्धति में आस्था रखने वाले लोग भी इस दिन विशेष रूप से भगवान धन्वन्तरि का स्मरण करते हैं.
आयुर्वेद में भी खास महत्व रखता है यह श्लोक
प्रधानमंत्री मोदी की ओर से साझा किया गया श्लोक ‘श्री धन्वन्तरि स्तोत्रम्’ का हिस्सा है. आयुर्वेद की परंपरा में भगवान धन्वन्तरि की स्तुति का विशेष स्थान रहा है. कई आयुर्वेदिक धार्मिक और पारंपरिक आयोजनों में इस तरह के मंगलाचरण का पाठ किया जाता है.
धनतेरस के दिन भगवान धन्वन्तरि के मंत्रों और स्तोत्रों का पाठ करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा आयुर्वेद की पढ़ाई शुरू करते समय, चिकित्सा कार्य के आरंभ में और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना के दौरान भी इस श्लोक का उच्चारण किया जाता है.
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