Maharajganj Infant Kidnapping Superstition: महराजगंज/बृजेश कुमार गुप्ता: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से अंधविश्वास और इंसानियत को झकझोर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं. परिवार में हो रही अकाल मौतों को रोकने और अपने लापता भाई को वापस लाने के अंधविश्वास में अपनों नहीं मासूम की जान का सौदा कर लिया था. हालांकि, महराजगंज पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया.
03 नवंबर की रात हुआ था अपहरण (Maharajganj Kidnapping Case)
घटना महराजगंज के ठूठीबारी थाना क्षेत्र की है, जहां 3 नवंबर की रात घर में सो रहा दो महीने का एक मासूम अचानक गायब हो गया. बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार में कोहराम मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस की पांच विशेष टीमों का गठन किया गया.
पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास के रास्तों की करीब 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाली और डॉग स्क्वायड की मदद ली. इसी दौरान एक संदिग्ध महिला बच्चे को ले जाती हुई नजर आई. सर्विलांस और तकनीकी सुरागों का पीछा करते हुए पुलिस टीम बस और एक्सप्रेस-वे के रास्ते सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली जा पहुंची.
चचेरी बुआ और दादी मास्टरमाइंड (Three Arrested in Maharajganj Kidnapping Case)
पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने पुलिस अधिकारियों और परिजनों के होश उड़ा दिए. इस खौफनाक साजिश को किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि बच्चे की अपनी चचेरी बुआ सावित्री, चचेरी दादी सरस्वती और उनके एक साथी करन कुमार गौतम ने मिलकर अंजाम दिया था. दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड पर दबिश देकर पुलिस ने तीनों आरोपियों को धर दबोचा और मासूम को सकुशल मुक्त करा लिया.
तांत्रिक के झांसे में बलि की योजना (Maharajganj mein bachche ka apharan)
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों के परिवार में पहले कई अकाल मौतें हो चुकी थीं और उनका एक भाई पिछले 6-7 वर्षों से लापता था. किसी शातिर तांत्रिक के बहकावे में आकर इन लोगों ने यह अंधविश्वास पाल लिया था कि मासूम की बलि देने से परिवार की सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी और लापता भाई भी लौट आएगा. आरोपियों की योजना आगामी अमावस्या के दिन नेपाल के भैरहवा क्षेत्र में बच्चे की बलि देने की थी.
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बरामद किए गए बच्चे का डॉक्टरों से चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया और उसे सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया. इस सनसनीखेज खुलासे और सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट, सर्विलांस और डॉग स्क्वायड की संयुक्त टीम की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने 25,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है.
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