TRAI Spam Calls Penalty Rules India
TRAI Spam Calls Penalty Rules India: अगर आप भी दिनभर आने वाली फर्जी कॉल्स, अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज और क्रेडिट कार्ड या लोन के ऑफर्स से परेशान हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है. केंद्र सरकार टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है. सरकार भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) को सीधे जुर्माना लगाने की ताकत देने पर विचार कर रही है. इसका मकसद स्पैम कॉल्स और अनचाहे मैसेज पर रोक लगाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों की जवाबदेही तय करना है. अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करना पहले से आसान हो सकता है.
स्पैम कॉल्स पर अब सीधे एक्शन ले सकेगा TRAI?
फिलहाल TRAI के पास स्पैम कॉल्स से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाली टेलीकॉम कंपनियों पर सीधे जुर्माना लगाने की सीमित शक्ति है। अभी नियामक किसी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) को जुर्माने की सिफारिश कर सकता है.
लेकिन इस प्रक्रिया में कई कानूनी अड़चनें सामने आती रही हैं. कई मामलों में कंपनियां कानूनी रास्ता अपनाकर जुर्माने की कार्रवाई को चुनौती देती हैं. कुछ मामलों में टेलीकॉम विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) से राहत भी मिल जाती है. अब सरकार इस व्यवस्था को बदलने की तैयारी में है. प्रस्ताव के तहत TRAI को सीधे जुर्माना लगाने का अधिकार मिल सकता है। इससे नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है.
स्पैम कॉल्स की शिकायतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
आंकड़े बताते हैं कि देश में अनचाहे कॉल्स और मैसेज की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। 2022 के बाद से स्पैम कॉल्स को लेकर शिकायतों में तेजी से इजाफा हुआ है। बताया गया है कि कुल शिकायतों में करीब 82 फीसदी मामले बिना रजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स से जुड़े हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2023 में स्पैम कॉल्स को लेकर 13.62 लाख शिकायतें दर्ज हुई थीं। 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 19.38 लाख के पार पहुंच गया। वहीं, 2025 में शिकायतों की संख्या 31.09 लाख हो गई. सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही 20.75 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। यह आंकड़ा पिछले पूरे साल की कुल शिकायतों का करीब 66 फीसदी है.
फर्जी नंबर बंद करने की कार्रवाई में आई कमी
एक तरफ स्पैम कॉल्स की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे मामलों में इस्तेमाल होने वाले कनेक्शन बंद करने की कार्रवाई घटती दिखाई दे रही है. आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त से दिसंबर 2024 के बीच करीब 9.21 लाख फर्जी कनेक्शन बंद किए गए थे। 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 1.94 लाख रह गई। वहीं, 2026 की पहली छमाही में महज 79 हजार कनेक्शन बंद किए गए.
आम मोबाइल यूजर्स को क्या होगा फायदा?
अगर सरकार TRAI को सीधे जुर्माना लगाने की शक्ति देती है, तो टेलीकॉम कंपनियों पर स्पैम कॉल्स रोकने का दबाव बढ़ेगा। कंपनियों को अपने नेटवर्क पर संदिग्ध नंबरों और अनधिकृत टेलीमार्केटर्स की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से करनी पड़ सकती है. हालांकि, इससे रातोंरात स्पैम कॉल्स पूरी तरह बंद होने की गारंटी नहीं है, लेकिन सख्त नियामकीय कार्रवाई से आम मोबाइल यूजर्स को राहत मिलने की उम्मीद जरूर बढ़ सकती है.
भारत एक्सप्रेस
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