Bharat Express DD Free Dish

दुनिया का अनोखा देश जहां रहते हैं सिर्फ 3 इंसान और 3 कुत्ते, हैरान कर देगी इस माइक्रोनेशन की कहानी

दुनिया में एक ऐसा माइक्रोनेशन मौजूद है जिसकी कुल आबादी महज तीन इंसानों और तीन कुत्तों की है. अमेरिका के नेवादा में स्थित 11 एकड़ के इस ‘मोलोसिया गणराज्य’ के अपने ही अजीब नियम हैं, जहां प्याज और कैटफिश ले जाने पर सख्त पाबंदी है.

Ajab Gajab News

इस देश में हैं सिर्फ 3 इंसान और 3 कुत्ते

Ajab Gajab News: दुनिया में यूं तो कुल 225 देश हैं, जहां अलग-अलग संस्कृतियों के साथ अरबों लोग बसते हैं. कोई देश क्षेत्रफल में बहुत बड़ा है तो कहीं की आबादी आसमान छू रही है. लेकिन जरा सोचिए, क्या आपने कभी ऐसे देश के बारे में सुना है जिसकी कुल आबादी उंगलियों पर गिनी जा सके? जी हां, आज हम आपको एक ऐसे ही अनोखे और हैरान करने वाले ठिकाने के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां इस वक्त महज तीन इंसान और तीन कुत्ते ही रहते हैं.

क्या सच में यह कोई देश है?

अगर आप सोच रहे हैं कि यह कोई संप्रभु देश है, तो ऐसा नहीं है. इसे तकनीकी तौर पर एक ‘माइक्रोनेशन’ यानी सूक्ष्म राष्ट्र कहा जाता है. अमेरिका के नेवादा रेगिस्तान के बीचों-बीच स्थित इस अजीबोगरीब जगह का नाम ‘मोलोसिया गणराज्य’ (Republic of Molossia) है. भले ही इसे यूनाइटेड नेशंस यानी संयुक्त राष्ट्र से मान्यता नहीं मिली हो लेकिन इसके तेवर किसी महाशक्ति से कम नहीं हैं. मजे की बात यह है कि इस 11 एकड़ के छोटे से दायरे में अपने खुद के नियम-कानून चलते हैं. यहां तक कि इस माइक्रोनेशन के पास अपनी खुद की नौसेना, नौसेना अकादमी, एक बैंक, एक डाक सेवा, अंतरिक्ष कार्यक्रम, रेलवे ट्रैक और अपना ऑनलाइन रेडियो स्टेशन भी मौजूद है.

क्या होता है ‘माइक्रोनेशन’?

आपको बता दें कि माइक्रोनेशन या सूक्ष्म राष्ट्र एक ऐसा छोटा, स्व-घोषित क्षेत्र या संगठन होता है जो खुद को एक स्वतंत्र संप्रभु देश मानता है, लेकिन इसे दुनिया की किसी भी वास्तविक सरकार या संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से कानूनी या राजनयिक मान्यता प्राप्त नहीं होती. यह किसी स्थापित देश का हिस्सा होते हुए भी खुद को उससे अलग घोषित कर लेते हैं.
इन सूक्ष्म राष्ट्रों की कुछ अपनी मुख्य विशेषताएं होती हैं:

भौगोलिक आकार: ये आमतौर पर बहुत छोटे होते हैं. यह एक कमरा, एक घर, एक छोटा द्वीप या एक समुद्री प्लेटफॉर्म भी हो सकता है.

अधिकारों का दावा: इनके पास अक्सर अपना खुद का झंडा, राष्ट्रगान, मुद्रा (Coins/Notes), पासपोर्ट और डाक टिकट होते हैं.

कानूनी स्थिति: अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत इन्हें ‘देश’ नहीं माना जाता. इन्हें केवल एक शौक, राजनीतिक विरोध, कलात्मक अभिव्यक्ति या पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाया जाता है.

ये भी पढ़ें- 3 साल की बच्ची ने बचाई बेबी डॉग की जान, इंटरनेट पर छाया वीडियो

कौन है इस देश का सर्वेसर्वा?

इस अनोखे राष्ट्र के राष्ट्रपति और सब कुछ हैं केविन बॉघ (Kevin Baugh). साल 1977 में स्थापित इस माइक्रोनेशन में जब आप दाखिल होंगे, तो राष्ट्रपति केविन का पूरा नाम और उनका पद सुनकर आप भी चौंक जाएंगे. उनके नाम के आगे जो लंबी-चौड़ी उपाधि जुड़ी है, वह है ‘हिज़ एक्सिलेंसी ग्रैंड एडमिरल कर्नल डॉक्टर केविन बॉघ, मोलोसिया के राष्ट्रपति और रईस, राष्ट्र के रक्षक और लोगों के संरक्षक.’ कागजों पर भले ही इस देश की आबादी 38 के आसपास बताई जाती हो, लेकिन असलियत यही है कि फिलहाल वहां सिर्फ केविन और उनके परिवार के दो अन्य सदस्य यानी कुल तीन इंसान और उनके तीन पालतू कुत्ते ही डेरा डाले हुए हैं.

प्याज और कैटफिश पर सख्त पाबंदी

इस देश के कायदे-कानून भी किसी फिल्मी कहानी जैसे मजेदार और सख्त हैं. अगर आप कभी यहां घूमने का प्लान बनाएं, तो अपनी जेब या बैग में प्याज और कैटफिश बिल्कुल न रखें. मोलोसिया गणराज्य में इन दोनों ही चीजों पर पूरी तरह से बैन लगा हुआ है. अगर कोई पर्यटक गलती से भी इन्हें वहां ले जाता है, तो उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाता है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read