Maharashtra News: महाराष्ट्र के अकोला से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जिसने नगर निगम चुनाव के बीच सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. दरअसल नगर सेवक पद के लिए नामांकन चल रहा था. तभी एक उम्मीदवार नामांकन भरने पहुंचा. जब अमानत राशि देने की बारी आई तो उम्मीदवार ने चिल्लर निकाल लिये और वहां मौजूद कर्मचारियों को थमा दिया. यह देख वहां पर मौजूद सभी लोग दंग रह गए.
यह मामला अकोला के जोन नंबर 5 का है. जहां से लोकतांत्रिक जनाधार पार्टी के उम्मीदवार लक्ष्मीकांत अग्रवाल नामांकन पत्र के साथ पहुंचे. जब जमानत राशि के रूप में 5 हजार रुपये देने की बारी आई तो अग्रवाल ने जमा किये गए
चिल्लर निकाल लिये और चुनाव निर्णय अधिकारी कार्यालय में जमा कर दिये. इतनी संख्या में सिक्के देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों के सिर चकरा गए. उन्हें सिक्के और नोट गिनने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
5 और 10 रुपये के सिक्कों की भरमार
लोकतांत्रिक जनाधार पार्टी के उम्मीदवार लक्ष्मीकांत अग्रवाल के द्वारा अमानत राशि के रूप में जमा किये गए 5 हजार रुपये 5 और 10 रुपये के सिक्कों में थे. जिसके साथ 10, 20 और 50 रुपये के कुछ नोट भी थे. चिल्लर की मात्रा ज्यादा ज्यादा रहने की वजह से उन्हें इसे गिनने में काफी समय लग गया. इस दौरान यह मामला वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
नामांकन के दौरान चुनाव निर्णय अधिकारी कार्यालय में काफी हलचल देखने को मिला. लोग इसे टकटकी लगाए निगाहों से देखते रहे और चर्चा करते रहे.
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पाई-पाई जोड़ा फिर भरा जमानत राशि
इस मामले में लक्ष्मीकांत अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने यह जमानत राशि पाई-पाई जोड़कर भरी है. उन्होंने कहा कि यह जनता का पैसा है और वो उन्हीं के सहयोग से यह चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्हें इस चुनाव में जीत मिलती है तो वो पूरी इमानदारी से जनता के काम और विकास के लिए काम करेंगे.
हालांकि अकोला नगर निगम चुनाव के दौरान यह अनोखा नामांकन अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है.
-भारत एक्सप्रेस
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