सोनू खान/गाजियाबाद
Ghaziabad Mystery Murder Case: गाजियाबाद में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पुलिस और पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया है. जिस शख्स को मृत मानकर परिवार उसकी तेरहवीं तक कर चुका था, वह अचानक जिंदा घर लौट आया है (Dead Man Comes Alive Ghaziabad). इस घटना के बाद अब यह बड़ा रहस्य बन गया है कि आखिर पुलिस ने जिस शव का पोस्टमार्टम कराया था और परिजनों ने जिसका अंतिम संस्कार किया, वह लाश किसकी थी?
गाजियाबाद में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक अज्ञात शव को अपना परिजन (गिरधर) मानकर उसका अंतिम संस्कार और तेरहवीं कर चुके परिवार के होश तब उड़ गए, जब वह शख्स अचानक जिंदा घर लौट आया; पुलिस जांच में पता चला है कि वह जेल से छूटने के बाद पंजाब के एक डेरे में रह रहा था.
क्या है पूरा मामला? (Ghaziabad Girdhar Singh Alive)
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और कानून व्यवस्था को चकरा दिया है. कौशांबी के वैशाली में रहने वाले 42 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट को जिस शव के रूप में मृत मानकर परिजनों ने अंतिम संस्कार और तेरहवीं तक कर दी थी, वह अचानक सही-सलामत घर लौट आया है.
पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी
दरअसल, 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से विवाद के बाद गिरधर को डासना जेल भेजा गया था. 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद वह लापता हो गया. 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र की नहर में एक लावारिस शव मिला, जिसे परिजनों ने गिरधर बताकर शिनाख्त की. हत्या की आशंका जताते हुए परिजनों ने थाने का घेराव किया, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज कर लिया (Kaushambi Police Ghaziabad).
ट्विस्ट तब आया जब तेरहवीं के अगले ही दिन गिरधर जिंदा लौट आया. उसने बताया कि वह पंजाब के एक सत्संग डेरे में रह रहा था. अब जिन पड़ोसियों पर हत्या का केस दर्ज हुआ था, वे न्याय की मांग कर रहे हैं. एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव के मुताबिक, असली गुत्थी अब यह है कि नहर में मिला वह शव आखिर किसका था और परिजनों ने गलत शिनाख्त क्यों की? पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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