महानगरों की ट्रैफिक समस्या का समाधान
Traffic Problems: दिल्ली या अन्य महानगरों में लगने वाले जाम का कारण क्या होता है, इस पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है। आमतौर पर देखा गया है कि सड़कों पर लगने वाले जाम के पीछे बाज़ारों के सामने ग़लत पार्किंग करना
तीर्थों की भीड़ संभालें !
Mathura: आज से 2 वर्ष पहले तक मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन व बरसाना आना-जाना काफ़ी सुगम था। जो आज असंभव जैसा हो गया है। कोविड के बाद से तीर्थाटन के प्रति भी एक नया ज्वार पैदा हो गया है।
INS Vindhyagiri: राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया समुद्री सुरक्षा और व्यापार के नजरिए से कितना महत्वपूर्ण है आईएनएस विंध्यगिरि
INS Vindhyagiri: राष्ट्रपति मुर्मू ने यहां अपने संबोधन में कहा कि विंध्यगिरि का निर्माण आत्मनिर्भर भारत और हमारी तकनीकी शक्ति का बड़ा उदाहरण है।
ऐसा क्या है डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन क़ानून में?
Data Protection Act: नागरिकों के पर्सनल डेटा की सुरक्षा को लेकर देश भर में पहले से ही काफ़ी बहस चल रही है। परंतु इस बहस को गति देने की पहल देश की सर्वोच्च अदालत ने 24 अगस्त 2017 को अपने फ़ैसले से की
वसुंधरा से किनारा करने की असली वजह! गहलोत और पीएम मोदी की योजनाओं के बीच असली टक्कर
Rajasthan Elections 2023: वसुंधरा पहले पार्टी के पोस्टर्स से भी गायब हो गईं थीं. बाद में उनकी वापसी हुई क्योंकि पार्टी के लिए एक चेहरे के तौर पर अब भी वो एक असर रखती हैं.
शरद पवार की आंख मिचौली से कांग्रेस बेवजह नहीं परेशान! कांग्रेस को पता लग गई अंदर की बात
चाचा भतीजे की मुलाकात से कांग्रेस यूं ही परेशान नहीं है। सिर्फ कांग्रेस ही नहीं विपक्षी मंच के अन्य दलों के माथे पर भी शिकन साफ दिखती है।
बजरंग दल को सिमी की तरह खतरनाक मानते थे दिग्विजय सिंह, बैन करने की सिफारिश की थी, अब हृदय परिवर्तन के पीछे कमलनाथ तो नहीं…
सियासत की डगर ही ऐसी है जहां वक्त और माहौल देखकर फैसले लिए जाते हैं और बयान बदले जाते हैं. ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (MP Election 2023) में देखने को मिल रहा है.
चुनाव आयोग: हंगामा है क्यों बरपा?
Election Commission: पिछले कुछ वर्षों में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि मौजूदा चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रहा है।
Chandrayaan-3: चांद पर जीवन कतई संभव नहीं, फिर भी लाखों करोड़ रुपये क्यों फूंक रहे भारत समेत अन्य देश?
अभी तक के तमाम अनुसंधान और खोज के आधार पर कहा जा सकता है कि चांद पर जीवन बिल्कुल भी संभव नहीं है. यहां पर धरती की तरह वायुमंडल का नहीं होना, रेडिएशन और तापमान जैसी बुनियादी वजहें ऐसी हैं जो जीवन की संभावना को खारिज करती हैं.
दिल्ली एम्स का कायाकल्प
देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों को लेकर हमेशा सवाल उठाए जाते हैं। सरकारें आती-जाती रहती हैं और वे दावा करती हैं कि देश में स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर बनाएँगी।





