जहरीला सांप, खून की दलाली, पागल कुत्ता, मौत का सौदागर, PM मोदी पर जब-जब हुई अभद्र टिप्पणी, तब-तब विरोधियों ने मुंह की खाई
Congress: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर से वही गलती दोहराई है, जो पहले भी उन्होंने की है और उसका खामियाजा उनकी पार्टी को भुगतना पड़ा है.
भारतीय सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है ‘सौराष्ट्र-तमिल संगम’
मुझे विश्वास है कि सांस्कृतिक विविधता के उत्सव स्वरूप “सौराष्ट्र-तमिल संगम” जैसे कार्यक्रमों के आयोजन और केन्द्र में नरेन्द्रभाई की सरकार और देश की राज्य सरकारों के निरंतर ईमानदार प्रयास अवश्य ही “एक भारत” से “श्रेष्ठ भारत” का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
ऑपरेशन जेब पर डाका: देश की राजधानी में जनता से ठगी, सवालों में एमसीडी के कारनामे
भारत एक्सप्रेस की टीम ने जब हौज खास विलेज के पार्किंग कर्मचारी से मंथली पास के बात की तो इसने जो रेट बताए वो चौकाने वाले थे.
पुलिस फिर सवालों के घेरे में !
Atiq Ashraf Murder Case: हत्या अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ़ की हुई हो या किसी और विचाराधीन कैदी की ऐसी घटना की जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है
शीर्ष अफसरों के बीच चल रहे टकराव में बेबस नजर आ रहे हैं दिल्ली के दर्जनों पुलिस थाने! नहीं हो रही SHO की नियुक्ति
उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो दिल्ली पुलिस के इतिहास में एक ऐसा विवाद शुरू हो गया, जिसमें शीर्ष पदों पर तैनात अधिकारियों के अहम आपस में टकरा गए.
डिजिटल भरोसा, डिजिटल बाजार की नई वैश्विक मुद्रा
डिजिटल भरोसे की विश्वसनीयता का निर्माण करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सुरक्षा तकनीकों का उपयोग किया जाना चाहिए, ये सुरक्षा तकनीकें सुनिश्चित करती हैं कि उपयोगकर्ता के डेटा और गोपनीयता को संरक्षित रखा जाए।
चैट-जीपीटी का नया अवतार विजुअल-जीपीटी
यह तकनीक कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कंप्यूटर विज़न एल्गोरिदम के उपयोग के माध्यम से संभव बनाई गई है जो वस्तुओं और उनकी विशेषताओं को पहचान सकती है।
क्यों उठते हैं एनकाउंटर पर सवाल?
एनकाउंटर करने के लिए जिन अनुभवी पुलिसकर्मियों को चुना जाता है, उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहा जाता है। एनकाउंटर जोखिम भरा होता है और ऐसा जोखिम हर कोई नहीं ले सकता।
जालसाज़ों से सावधान!
जब प्रधान मंत्री कार्यालय द्वारा इस मामले का संज्ञान लेने के बावजूद इन युवकों को आयकर विभाग परेशान कर रहा है तो जो लोग पीएमओ तक नहीं पहुँच पाए उनका क्या हाल हुआ होगा?
राजनीति बता, तू और कितना गिरेगी…!
विरोधी दलों के सामने चुनौती है कि यदि उनके आरोपों में दम है तो वो ये साबित करें कि योगी सरकार ने कैसे जाति अथवा धर्म देखकर अपराधियों का एनकाउंटर किया है ?





