कांग्रेस ने नीतीश को दी विपक्षी एकजुटता की जिम्मेदारी, क्या भतीजे को बिहार सौंप दिल्ली कूच की तैयारी में हैं मुख्यमंत्री?
Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस को पता है कि राहुल गांधी के नाम पर विपक्षी एकजुटता एक असंभव टास्क है. लिहाजा, नीतीश को आगे कर 2024 की गोटी सेट की जा रही है.
क्या बाइबिल में ईसा मसीह की शिक्षाएँ नहीं हैं?
इस तरह बाइबिल के ही उदाहरणों से लेखक ने बार-बार पॉल के सिद्धांतों और मान्यताओं को ग़लत सिद्ध करने का प्रयास किया है। लेखक ईसाई धर्म गुरुओं को इस विषय में उससे शास्त्रार्थ करने की खुली चुनौती भी देता है।
SPG से पुष्टि के बावजूद PM आवास के साथ ड्रोन उड़ने की शिकायत को मनगढ़ंत बता रही दिल्ली पुलिस
अदालत के समक्ष पेश दो पेज की रिपोर्ट में पुलिस ने डेढ़ पेज में यह दावा करने की कोशिश की है कि ड्रोन उड़ने का कोई साक्ष्य नहीं है.
आर-ओ का पानी क्यों नहीं पीना चाहिए?
एक शोध के अनुसार, अगर नियमित रूप से आर-ओ का पानी पीया जाता है तो इसका बुरा प्रभाव हमारे पाचन तंत्र पर भी पड़ता है।
विधायक के लिए कारोबारी से दो करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप! नहीं देने पर टपकाने के आदेश पारित
सूत्रों की मानें तो संवैधानिक पद पर बैठे जिस नेता के निर्देश पर कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है उस नेता को भी हकीकत की जानकारी नहीं है.
कड़े कानून के अभाव में आपकी निजता खतरे में डाल रहा है डिजीटल इंडिया!
गिरफ़्तारी के बाद यह भी खुलासा हुआ है कि साइबर गैंग के पास आर्मी, डॉक्टर्स, इंजीनियर्स और रियल एस्टेट से संबंधित डाटा भी बरामद हुआ है.
अब लग रहे हैं अभिनेता सतीश कौशिक की बिसरा रिपोर्ट मैनेज कराने के आरोप!
विकास मालू की पत्नी ने इस घटनाक्रम के बाद उस पर सतीश कौशिक की हत्या कराने की आशंका जता दी. उसका कहना था कि मालू अभिनेता सतीश कौशिक के 15 करोड़ रुपए वापस नहीं लौटा रहा था.
भ्रष्टाचार से जंग का शंखनाद: मोदी
ताज़ा मामला बहरूपिये किरण पटेल का है जो ख़ुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का वरिष्ठ अधिकारी बता कर, जेड प्लस सुरक्षा लेकर कश्मीर जैसे संवेदनशील प्रदेश में अपने तीन प्रभावशाली साथियों के साथ घूमता रहा और अफ़सरों के साथ बैठकें करता रहा।
गुवाहाटी से हुई एक अच्छी शुरुआत
असम के गुवाहाटी स्टेशन पर प्लेटफ़ॉर्म पर एक ऐसी दुकान खुली है जो किन्नरों आपके नजरिए को बदल देगी। अब किन्नर समुदाय भी ट्रेनों और बसों में पैसे मांगने से आगे बढ़कर सम्मानजनक तरीके से धनार्जन करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
खुद की नियुक्ति करने वालों को ही गुमराह कर रहे हैं जिमखाना में नियुक्त सरकारी नुमाइंदे, फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट छिपाने का आरोप
जिमखाना क्लब के पास सदस्यता शुल्क सहित अन्य माध्यमों से दो सौ करोड़ रुपए से ज्यादा रकम जमा थी. इस पैसे को इन्वेस्ट करने के लिए एडवाइजर नियुक्त होना था.





