Putin In Delhi: भारत-रूस की दोस्ती पुरानी, हकीकत नई…ऐसा है अंतरराष्ट्रीय संबंधों का बदलता परिदृश्य
भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में संबंध बहुत मजबूत रहे हैं. वर्ष 2000 में रणनीतिक साझेदारी और 2010 में इसे विशेषाधिकार प्राप्त स्तर तक ले जाने के बाद दोनों देशों ने गहरे विश्वास की उम्मीद की थी.
हवाई सफर पर ‘ग्रहण’! क्या सुरक्षित है आपकी फ्लाइट? Rajneesh Kapur opinion
Air Aravel Insecurity: इंडिगो संकट के बाद हवाई सफर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. असुरक्षित होती हवाई यात्रा को लेकर पढ़ें पत्रकार रजनीश कपूर का ओपीनियन
राजकमल ने मनाया हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष, नौ स्त्री कथाकारों के उपन्यास एकसाथ हुए प्रकाशित
राजकमल प्रकाशन समूह ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष: भेंट, पाठ, चर्चा’ का आयोजन किया. कार्यक्रम में नौ समकालीन स्त्री उपन्यासकारों की कृतियों का चयनित अंशों के माध्यम से पाठ और परिचय प्रस्तुत किया गया.
डॉ. सुनीति सोलोमन : जब डर को गले लगाकर उन्होंने लाखों जिंदगियां बचाई
उस दौर में जब HIV का नाम सुनते ही लोग मुंह फेर लेते थे, जब संक्रमित व्यक्ति को समाज, परिवार और यहां तक कि अस्पताल भी ठुकरा देते थे, तब एक महिला बिना हिचक उनके पास जाती थी.
संविधान दिवस : भारतीय संविधान के निर्माण में बी. एन. राव की अमिट भूमिका
हर साल 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस मनाया जाता है. यह दिन भारतीय संविधान को अपनाए जाने की याद में समर्पित है. संविधान के निर्माण में बेनेगल नरसिंग राव (बी. एन. राव) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी, जिन्हें "संविधान का वास्तुकार" कहा जाता है.
‘बहादुर 120’ ने फिर जीवित किया रेजांगला की अमर गाथा को
फरहान अख्तर की फिल्म ‘120 बहादुर’ ने 18 नवंबर 1962 की रेजांगला लड़ाई के अभूतपूर्व साहस को फिर जीवंत कर दिया है. मेजर शैतान सिंह और 13 कुमाऊं रेजिमेंट की 120 जवानों वाली कंपनी ने 4,000 चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला कर इतिहास रचा. यह कथा आज भी भारतीय सेना की शौर्य-परंपरा का सबसे उज्ज्वल अध्याय है.
समाजवादी विचारधारा के प्रखर योद्धा सच्चिदानंद सिन्हा का निधन: एक युग का अवसान
भारतीय समाजवादी परंपरा के प्रमुख स्तंभ और प्रखर चिंतक सच्चिदानंद सिन्हा का 96 वर्ष की आयु में मुजफ्फरपुर में निधन हो गया.
क्यों नहीं रुकते आतंकी हमले?
आतंकी हमलों के पीछे पढ़े लिखे ऐसे लोग शामिल हैं जिनसे ऐसी वैशियाना हरकत की उम्मीद नहीं की जा सकती. प्रश्न है कि जब देश की सुरक्षा एजेंसियां हर समय अपने पंजों पर रहती हैं उसके बावजूद भी देश की राजधानी जो कि सुरक्षा के लिहाज से काफी मुस्तैद मानी जाती है.
पूर्वांचल के पहले किसान नेता थे गेंदा सिंह
बाबू गेंदा सिंह महान विचारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, किसानों के हितैषी होने के साथ एक सच्चे लोकसेवक थे. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन अपने लिए नहीं बल्कि दूसरे लोगों की भलाई में समर्पित कर दिया.
जवाहरलाल नेहरू हाज़िर हों: अदालत में नेहरूजी का साहस और स्वतंत्रता की गूंज
पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर विशेष- पंकज चतुर्वेदी की पुस्तक जवाहरलाल नेहरू हाज़िर हों नेहरू के कारावास काल और अदालतों में उनके न्याय संघर्ष को जीवंत करती है.







