Urdu Conclave 2026

ईरानी हमलों से इजरायल में अदाणी का हाइफा पोर्ट अप्रभावित, नुकसान की खबर झूठ

सूत्रों ने दावा किया कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले से बंदरगाह या इसके ऑपरेशन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. अदाणी समूह ने इस मुद्दे पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की.

Adani Ports

(प्रतीकात्मक तस्वीर).

सूत्रों ने बताया कि गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले समूह के इजरायल स्थित हाइफा बंदरगाह को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, साथ ही माल ढुलाई का काम बिना किसी बाधा के जारी है. शनिवार की देर रात ईरान ने इजरायल के हाइफा बंदरगाह और पास की एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जो इस सप्ताह की शुरुआत में तेल अवीव द्वारा ईरानी परमाणु और अन्य ठिकानों पर किए गए हमले के जवाब में किया गया था.

मामले से अवगत दो सूत्रों ने बताया कि बंदरगाह के रासायनिक टर्मिनल में शार्पनेल गिरे और कुछ अन्य मिसाइल तेल रिफाइनरी में गिरे. उन्होंने बताया कि कोई हताहत नहीं हुआ न ही इस हमले से अदाणी के बंदरगाह पर कोई असर नहीं पड़ा.

उन्होंने बताया कि किशन पश्चिम (हाइफा बंदरगाह) में इंटरसेप्टर छर्रे का एक टुकड़ा भी मिला, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ. अदाणी द्वारा संचालित बंदरगाह पर माल ढुलाई का काम बिना किसी बाधा के जारी रहा. एक सूत्र ने बताया कि बंदरगाह में अभी आठ जहाज हैं, माल ढुलाई का काम सामान्य है.

ईरान के हमले से पोर्ट और ऑपरेशन अप्रभावित

सूत्रों ने दावा किया कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले से बंदरगाह या इसके ऑपरेशन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. अदाणी समूह ने इस मुद्दे पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की. टिप्पणी के लिए इजरायल सरकार के अधिकारियों से तत्काल संपर्क नहीं किया जा सका.

हाइफा बंदरगाह एक महत्वपूर्ण समुद्री केंद्र के रूप में कार्य करता है, जो इजरायल के आयात का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संभालता है. इसका स्वामित्व अदाणी पोर्ट्स के पास है, जो 70 प्रतिशत हिस्सेदारी को नियंत्रित करता है. हो सकता है मिसाइलों ने बंदरगाह के पास एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचाया, लेकिन इस पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई.

हाइफा अदाणी पोर्ट्स और एसईजेड (SEZ) द्वारा संभाले जाने वाले वॉल्यूम का 2 प्रतिशत से भी कम है और राजस्व में लगभग 5 प्रतिशत का योगदान देता है. APSEZ कुल 10.57 मिलियन टन का माल संभालता है.

दोनों देशों के बीच 3 दिनों से चल रही जंग

इजरायल ने शुक्रवार (13 जून) की सुबह ईरान पर हमला किया, जिसके निशाने पर उसके परमाणु, मिसाइल और सैन्य बुनियादी ढांचे हैं. बाद में ईरान ने इजरायल पर जवाबी हमले किए. दोनों देशों ने रविवार को तीसरे दिन भी हमले किए. ईरान ने कहा कि इजरायल ने दो तेल रिफाइनरियों पर हमला किया, जिससे ईरान के भारी प्रतिबंधित ऊर्जा उद्योग पर व्यापक हमले की संभावना बढ़ गई है, जिसका वैश्विक बाजारों पर असर पड़ सकता है.

वहीं कुछ ईरानी मिसाइलें इजरायली हवाई सुरक्षा को चकमा देकर देश के मध्य में स्थित इमारतों पर गिरीं.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read