Adani Ports Q3 Results 2026: अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (दिसंबर तिमाही) के नतीजे जारी कर दिए हैं और आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं. कंपनी ने बाजार की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए अपने मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है. अगर सीधे शब्दों में कहें, तो अडानी पोर्ट्स का कारोबार इस समय समंदर की लहरों से भी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.
मुनाफे और रेवेन्यू का ‘डबल धमाका’
कंपनी की ओर से जारी रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, इस तिमाही में अडानी पोर्ट्स का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 3,043 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. याद दिला दें कि पिछले साल इसी दौरान यह आंकड़ा 2,518 करोड़ रुपये था. सिर्फ मुनाफा ही नहीं, कंपनी की कमाई (Revenue) में भी 22 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ देखी गई है, जो अब बढ़कर 9,705 करोड़ रुपये हो गई है.
आखिर कहां से आ रहा है इतना पैसा?
अडानी पोर्ट्स की इस कामयाबी के पीछे सिर्फ एक फैक्टर नहीं है. कंपनी के चारों मुख्य पिलर्स पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स, समुद्री सेवाएं और विदेशी ऑपरेशंस ने शानदार प्रदर्शन किया है.
दबदबा बरकरार: घरेलू बाजार में कंपनी की पकड़ कितनी मजबूत है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत के कुल कंटेनर मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 45.8 प्रतिशत बनी हुई है.
लॉजिस्टिक्स ने मारी बाजी: कंपनी का लॉजिस्टिक्स बिजनेस अब एक ‘ग्रोथ इंजन’ की तरह काम कर रहा है. इस सेगमेंट के रेवेन्यू में 62 प्रतिशत की भारी उछाल आई है.
समुद्री सेवाएं: जहाजों की संख्या बढ़ने और बेहतर ऑपरेशन की वजह से समुद्री सेवाओं से होने वाली कमाई लगभग दोगुनी होकर 773 करोड़ रुपये हो गई है.
CEO का भरोसा और बेहतर रेटिंग
नतीजों पर खुशी जताते हुए कंपनी के CEO अश्वनी गुप्ता ने कहा कि अडानी पोर्ट्स दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी बन गई है. उन्होंने एक बड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि कंपनी ने अपने सालाना मुनाफे के अनुमान को 800 करोड़ रुपये और बढ़ा दिया है.
सिर्फ मुनाफे की बात नहीं है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी की साख भी बढ़ी है. जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने अडानी पोर्ट्स को ‘A-‘ रेटिंग दी है, जो भारत की सॉवरेन रेटिंग से भी एक पायदान ऊपर है. वहीं, मूडीज (Moody’s) ने भी कंपनी के आउटलुक को ‘नेगेटिव’ से हटाकर ‘स्टेबल’ कर दिया है.
पर्यावरण का भी रखा ख्याल
पैसे कमाने के साथ-साथ कंपनी ने सस्टेनेबिलिटी पर भी ध्यान दिया है. अडानी पोर्ट्स ‘टास्कफोर्स ऑन नेचर-रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोजर’ (TNFD) को अपनाने वाली देश की पहली पोर्ट कंपनी बन गई है, जो यह दिखाता है कि कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति भी जिम्मेदार है.
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