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मिर्जापुर में लग रहा अदाणी पावर प्लांट, UP में इससे मिलेंगे हजारों रोजगार और प्रदेशवासियों को सस्ती बिजली

Adani Power Plant: अदाणी पावर ने मिर्जापुर में 1600 MW कोल-बेस्ड प्लांट का काम शुरू किया, UP को 1500 MW बिजली 25 साल तक ₹5.38 यूनिट पर मिलेगी. हजारों रोजगार पैदा होंगे.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Mirzapur Power Plant: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में अदाणी पावर लिमिटेड ने 1600 MW क्षमता वाले कोल-बेस्ड अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट का काम शुरू कर दिया है. यह प्लांट दादरी खुर्द गांव में सदर तहसील में बन रहा है. यह प्रोजेक्ट इलाके के लिए विकास का नया द्वार खोल रहा है. लंबे समय से बेरोजगारी और पलायन की समस्या झेल रहे लोग अब रोजगार और बेहतर जीवन की उम्मीद कर रहे हैं.

UP को 1500 MW बिजली मिल सकती है

यह प्लांट कुल 1600 MW की क्षमता वाला है. इसमें अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल होगा. यह तकनीक बिजली बनाने में ज्यादा कुशल है और पर्यावरण पर कम असर डालती है. उत्तर प्रदेश सरकार को इस प्लांट से 1500 MW बिजली 25 साल तक मिलेगी. बिजली की दर ₹5.38 प्रति यूनिट तय हुई है. यह टैरिफ प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए तय हुआ है. उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने पावर सप्लाई एग्रीमेंट को मंजूरी दी है. इससे राज्य को सस्ती और भरोसेमंद बिजली मिल सकेगी.
यहां अदाणी पावर प्लांट की कुछ तस्वीरें देखिए:

हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

कंस्ट्रक्शन के दौरान इस प्रोजेक्ट से 8000 से 9000 लोगों को काम मिलेगा. प्लांट शुरू होने के बाद करीब 2000 स्थायी नौकरियां पैदा होंगी. स्थानीय युवाओं के लिए यह बड़ा मौका है. इलाके में पलायन कम होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी. अदाणी ग्रुप का कहना है कि यह प्रोजेक्ट राज्य की बढ़ती बिजली जरूरत को पूरा करेगा. कंपनी FY30 तक बिजली सप्लाई शुरू करने की योजना बना रही है.

अदाणी फाउंडेशन द्वारा समाज सेवा

अदाणी ग्रुप सिर्फ बिजली बनाने तक सीमित नहीं है. अदाणी फाउंडेशन के जरिए इलाके में सामाजिक काम हो रहे हैं. विजन केयर प्रोग्राम के तहत 23000 से ज्यादा स्कूल बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों की जांच और इलाज किया गया है. यह प्रोजेक्ट सिर्फ औद्योगिक नहीं बल्कि सामाजिक विकास का भी प्रतीक है.
यहां पावर प्लांट और विकास से जुड़ी तस्वीरें देखिए:

पर्यावरण और तकनीक पर फोकस

प्लांट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक से बनेगा. यह पुराने थर्मल प्लांट्स से बेहतर है क्योंकि कम कोयला जलता है और उत्सर्जन कम होता है. सरकार ने पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित किया है. कुछ रिपोर्ट्स में पर्यावरण प्रभाव की चिंता जताई गई है लेकिन कंपनी का दावा है कि सभी मंजूरियां ली गई हैं और प्रोजेक्ट पर्यावरण-अनुकूल होगा.

मिर्जापुर के लिए ‘उम्मीद का पावर प्लांट’

मिर्जापुर जैसे इलाके में जहां बेरोजगारी बड़ी समस्या है वहां यह प्लांट आत्मनिर्भरता और विकास ला रहा है. स्थानीय लोग इसे ‘उम्मीद का पावर प्लांट’ कह रहे हैं. यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक उन्नति में बड़ा योगदान देगा. अदाणी ग्रुप की यह पहल राज्य सरकार के विकास लक्ष्यों से जुड़ती है.



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