इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी बनाने वाली अमेरिकी कंपनी आर्चर एविएशन भारत में अगले साल से अपना ऑपरेशन शुरू करने की योजना बना रही है. कंपनी अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के सर्टिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करने के बाद भारत में कदम रखेगी.
आर्चर एविएशन के संस्थापक और सीईओ एडम गोल्डस्टीन ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, “हम लंबे समय से अमेरिकी रेगुलेटर्स के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने इस प्रकार के विमान और ऑपरेशन को सर्टिफाई करने के लिए ढांचा तैयार किया है. एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाए, तो हम ग्लोबल विस्तार कर सकेंगे. भारत हमारे लिए एक बेहद आकर्षक बाजार होगा.”
गोल्डस्टीन ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान कहा कि इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) विमान की तकनीक अब काफी परिपक्व हो चुकी है. उन्होंने कहा, “इस तकनीक को सुरक्षित साबित करने के लिए पर्याप्त टेस्टिंग डेटा मौजूद है. कई वैश्विक रेगुलेटर्स इस श्रेणी के लिए FAA के नियमों का अनुसरण कर रहे हैं. भारत में भी रेगुलेटर्स इन नियमों का पालन करेंगे.”
इंटरग्लोब एविएशन के साथ साझेदारी
आर्चर एविएशन भारत में ऑपरेशन शुरू करने के लिए इंटरग्लोब एविएशन के साथ साझेदारी कर रहा है. हालांकि, कंपनी का विमान अभी भारत में टेस्ट नहीं किया गया है. इसे पहले अमेरिका में लॉन्च किया जाएगा.
गोल्डस्टीन ने बताया कि इलेक्ट्रिक पावर सिस्टम के साथ वाहनों में अतिरिक्त सुरक्षा का निर्माण किया जा सकता है, जो पहले संभव नहीं था. उन्होंने कहा, “हमारे विमान में 12 इलेक्ट्रिक इंजन और 6 बैटरी पैक हैं. यदि कोई एक इंजन या बैटरी पैक फेल हो जाए, तो भी विमान सुरक्षित रहेगा. इस तकनीक से हमें इसे सबसे सुरक्षित कॉमर्शियल एविएशन बनाने में मदद मिलेगी.”
सैन जोस, कैलिफोर्निया स्थित कंपनी मौजूदा हेलिपैड, एयरपोर्ट और नगर पालिका एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का उपयोग करेगी. गोल्डस्टीन ने कहा, “हमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी, लेकिन यह लगभग इलेक्ट्रिक ग्राउंड वाहनों जैसा होगा.”
लागत और शोर में कमी
गोल्डस्टीन ने माना कि शुरुआत में भारत में इस विमान की लागत अधिक होगी, लेकिन समय के साथ यह कम हो जाएगी. उन्होंने कहा, “हेलीकॉप्टरों का शोर अधिक होता है, जिससे शहरों में उनका स्केलिंग मुश्किल हो जाता है. हमारे विमान बहुत शांत हैं, जिससे हम अधिक संख्या में इन्हें हवा में उतार सकते हैं और लागत कम कर सकते हैं.”
आर्चर एविएशन अब तक $2 बिलियन की फंडिंग जुटा चुका है. इसके विमान में पायलट के अलावा चार यात्री बैठ सकते हैं. गोल्डस्टीन ने कहा, “यह पूरी तरह सस्टेनेबल और इलेक्ट्रिक विमान है. इसकी लागत कम होगी, जिससे यह केवल अमीरों के लिए नहीं, बल्कि व्यापक उपयोग के लिए भी सुलभ होगा. साथ ही, यह तेज और सुरक्षित यात्रा का विकल्प प्रदान करता है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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