विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ब्राजील ने भारत की आकाश वायु रक्षा प्रणाली (Aakash Air Defence System) और गरुड़ तोपों के अलावा अन्य रक्षा उपकरणों को खरीदने में रुचि दिखाई है. यह बात उस समय कही गई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले सप्ताह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील की यात्रा पर जाने वाले है.
विदेश मंत्रालय (पूर्व) में सचिव पी कुमारन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “ब्राजील के साथ रक्षा सहयोग और इसे बढ़ाने पर चर्चा होने जा रही है. हम संयुक्त अनुसंधान, टेक्नोलॉजी शेयरिंग और प्रशिक्षण आदान-प्रदान के लिए रास्ते तलाश रहे हैं. हम अभी भी इस बारे में बात कर रहे हैं कि किस तरह का सहयोग संभव है, हम ब्राजील को किस तरह के रक्षा उपकरण बेच सकते हैं, लेकिन अभी भी बहुत प्रगति नहीं हुई है.”
उन्होंने कहा, “मोटे तौर पर हमारे पास कुछ ऐसे सेक्टर हैं जिसमें ब्राजील की ओर से रुचि दिखाई गई है. वे युद्ध के मैदान में सुरक्षित संचार प्रणालियों में रुचि रखते हैं. वे ऑफशोर गश्ती जहाजों (ओपीवी) में भी रुचि रखते हैं. ब्राजील के पास स्कॉर्पीन पनडुब्बियां हैं – वे उन पनडुब्बियों के रखरखाव में हमारे साथ साझेदारी करने में रुचि रखते हैं. वे आकाश वायु रक्षा प्रणाली (ADS) और तटीय निगरानी प्रणालियों, गरुड़ तोपों आदि में भी रुचि रखते हैं.”
ब्राजील भारत के साथ संयुक्त उपक्रमों के निर्माण में भी रुचि
इसके अलावा ब्राजील भारत के साथ रक्षा उद्योग के संयुक्त उपक्रमों के निर्माण में भी रुचि रखता है. पी कुमारन ने कहा, “इसलिए एम्ब्रेयर और सामान्य रूप से विमान उद्योग में उनकी ताकत को देखते हुए हमारे लिए ब्राजील के साथ काम करने की बहुत संभावना है.”
भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित, आकाश मिसाइल प्रणाली एक मध्यम दूरी की, मोबाइल सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) है जिसे लड़ाकू जेट, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों सहित हवाई खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
इसकी रेंज 25-45 किलोमीटर है और यह 20 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर स्थित लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है. इसकी सुपरसोनिक स्पीड मैक 1.8 से 2.5, एकीकृत रैमजेट-रॉकेट प्रोपल्शन सिस्टम के माध्यम से बनाए रखी जाती है.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आकाश ने अहम भूमिका निभाई
आकाश ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें पाकिस्तान से कई ड्रोन और मिसाइल हमलों को सफलतापूर्वक विफल किया गया था. भारत की कई स्तरों की वायु रक्षा प्रणाली में एकीकृत आकाश ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण संपत्तियों की रक्षा की और एक साथ खतरों के खिलाफ उच्च मारक क्षमता का प्रदर्शन किया.
गरुड़ तोपखाना प्रणाली (Garuda Artillery System) एक और स्वदेशी मंच है जो अपनी युद्धक्षेत्र गतिशीलता और सटीक मारक क्षमता के लिए चर्चा में आया है, विशेष रूप से तटीय और तेजी से तैनाती भूमिकाओं के लिए उपयुक्त है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 5 से 8 जुलाई तक ब्राजील की यात्रा करेंगे और एक राजकीय यात्रा के दौरान द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी अपने आठ दिवसीय दौरे के दौरान घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना और नामीबिया भी जाएंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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