Dharavi Redevelopment Project
Dharavi Redevelopment Project: मुंबई में धारावी पुनर्विकास परियोजना अब एक नए चरण में प्रवेश करने जा रही है, जिसमें कौशल विकास और सांस्कृतिक सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र पी. कल्याणकर ने एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में से एक धारावी के कायाकल्प के लिए प्रस्तावित नई पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की.
पुनर्विकास योजना का एक प्रमुख हिस्सा धारावी के निवासियों के लिए संगठित कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना है. इन पहलों का उद्देश्य लोगों की रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है. साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि स्थानीय समुदायों को इस पुनर्विकास प्रक्रिया का सीधा लाभ मिले.
परियोजना के बारे में बात करते हुए डॉ. कल्याणकर ने कहा,
धारावी के निवासियों के कौशल विकास के लिए भी परियोजना शुरू की जाएगी. यह कदम समावेशी विकास और दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देने को दर्शाता है.
स्वतंत्रता दिवस से पहले बनेगा धारावी एक्सपीरियंस सेंटर
SRA ने 15 अगस्त से पहले धारावी एक्सपीरियंस सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है. इसका उद्देश्य धारावी की अनूठी सांस्कृतिक और उद्यमशीलता की भावना को प्रदर्शित करना है. यह केंद्र आगंतुकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनेगा, जहां उन्हें धारावी के परिवर्तन की यात्रा और यहां के जीवंत सामुदायिक जीवन के बारे में जानकारी मिलेगी.
डॉ. कल्याणकर ने इसकी समयसीमा की पुष्टि करते हुए कहा,
धारावी एक्सपीरियंस सेंटर 15 अगस्त से पहले स्थापित किया जाएगा. मास्टर प्लान तैयार है और हम निश्चित रूप से आगे बढ़ रहे हैं.
मास्टर प्लान तैयार होने के बाद अब अधिकारी चरणबद्ध तरीके से परियोजना को लागू करने की तैयारी में जुट गए हैं. यह पुनर्विकास परियोजना भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के विजन के अनुरूप मानी जा रही है, जब देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा.
विकसित महाराष्ट्र की तरफ तेजी से बढ़ेंगे आगे
दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए डॉ. कल्याणकर ने कहा कि 2047 तक विकसित महाराष्ट्र और विकसित भारत के साथ हम निश्चित रूप से तेजी से आगे बढ़ेंगे.
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धारावी पुनर्विकास पहल महाराष्ट्र में शहरी नवीनीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. बुनियादी ढांचे के विकास को कौशल निर्माण कार्यक्रमों के साथ जोड़कर यह परियोजना एक टिकाऊ और समावेशी विकास मॉडल तैयार करने का प्रयास कर रही है, जो आधुनिक शहरी भारत में परिवर्तन के प्रतीक के रूप में धारावी को नई पहचान दे सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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