Bharat Express DD Free Dish

‘सच्चाई की हुई जीत!’ US कोर्ट से केस खारिज होने पर आया गौतम अडानी का पहला बयान

अमेरिकी कोर्ट ने गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन के खिलाफ दर्ज आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है. फैसले का स्वागत करते हुए अडानी ने कहा कि सच्चाई और निष्पक्षता पर उनका विश्वास अडिग है.

gautam-adani-welcomes-us-court-decision-criminal-case-dismissed

अडानी समूह (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) ने अमेरिका में अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे को पूरी तरह से खारिज किए जाने के अदालत के फैसले का स्वागत किया है. अमेरिकी कोर्ट के इस अहम फैसले के बाद अडानी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि इस मुश्किल दौर में भी ‘सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन’ पर उनका विश्वास कभी नहीं डिगा.

US कोर्ट ने हमेशा के लिए बंद की फाइल

न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की अमेरिकी जिला अदालत ने गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन पर लगे सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड के आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से (Dismissed with Prejudice) खारिज कर दिया है. इस फैसले के साथ ही तीनों के खिलाफ चल रहा क्रिमिनल केस हमेशा के लिए खत्म हो गया है. अडानी ने कहा कि वह इस फैसले को विनम्रता से स्वीकार करते हैं और न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं. साथ ही, उन्होंने उन समर्थकों का भी आभार जताया जिन्होंने उन पर, न्याय प्रणाली पर और निष्पक्ष नतीजे देने की भारत की क्षमता पर भरोसा बनाए रखा.

देश के विकास पर रहेगा पूरा फोकस

मुकदमे के खत्म होने के बाद गौतम अडानी ने साफ किया कि अब उनका पूरा फोकस देश के प्रति अपनी व्यापक जिम्मेदारियों पर रहेगा. उन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया जो स्थायी मूल्य (Lasting Value) पैदा करते हैं और व्यक्तिगत हितों से परे जाकर देश और समाज के काम आते हैं.

ये भी पढ़ें: ‘झारखंड क्यों नहीं गईं आप..!’ बीजेपी सांसद ने जब संसद में टोका, तो क्या बोल गईं प्रियंका गांधी?

निवेशकों का नहीं डूबा कोई पैसा

आपराधिक मामले के अलावा, अदालत ने अडानी और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) के बीच एक अलग सिविल समझौते को भी मंजूरी दे दी है. इसके तहत सिविल सिक्योरिटीज फ्रॉड के आरोपों को निपटाने के लिए अडानी की ओर से $18 मिलियन (1.8 करोड़ डॉलर) चुकाए जाएंगे. अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने भी कोर्ट में माना कि इस पूरे मामले से जुड़े सिक्योरिटीज में निवेशकों का एक भी पैसा नहीं डूबा है, जिससे सरकार का केस कमजोर हो गया था. इस ऐतिहासिक फैसले ने अडानी समूह को अमेरिका में चल रहे कानूनी विवादों से एक बहुत बड़ी और अंतिम राहत दे दी है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read