अडानी समूह (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) ने अमेरिका में अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे को पूरी तरह से खारिज किए जाने के अदालत के फैसले का स्वागत किया है. अमेरिकी कोर्ट के इस अहम फैसले के बाद अडानी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि इस मुश्किल दौर में भी ‘सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन’ पर उनका विश्वास कभी नहीं डिगा.
US कोर्ट ने हमेशा के लिए बंद की फाइल
न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की अमेरिकी जिला अदालत ने गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन पर लगे सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड के आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से (Dismissed with Prejudice) खारिज कर दिया है. इस फैसले के साथ ही तीनों के खिलाफ चल रहा क्रिमिनल केस हमेशा के लिए खत्म हो गया है. अडानी ने कहा कि वह इस फैसले को विनम्रता से स्वीकार करते हैं और न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं. साथ ही, उन्होंने उन समर्थकों का भी आभार जताया जिन्होंने उन पर, न्याय प्रणाली पर और निष्पक्ष नतीजे देने की भारत की क्षमता पर भरोसा बनाए रखा.
I welcome the US court’s decision with humility and deep respect for the judicial process.
Throughout this challenging period, our faith in truth, fairness and the rule of law remained unwavering.
My deepest gratitude to those who never lost faith in us, in the system and in…
— Gautam Adani (@gautam_adani) August 10, 2026
देश के विकास पर रहेगा पूरा फोकस
मुकदमे के खत्म होने के बाद गौतम अडानी ने साफ किया कि अब उनका पूरा फोकस देश के प्रति अपनी व्यापक जिम्मेदारियों पर रहेगा. उन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया जो स्थायी मूल्य (Lasting Value) पैदा करते हैं और व्यक्तिगत हितों से परे जाकर देश और समाज के काम आते हैं.
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निवेशकों का नहीं डूबा कोई पैसा
आपराधिक मामले के अलावा, अदालत ने अडानी और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) के बीच एक अलग सिविल समझौते को भी मंजूरी दे दी है. इसके तहत सिविल सिक्योरिटीज फ्रॉड के आरोपों को निपटाने के लिए अडानी की ओर से $18 मिलियन (1.8 करोड़ डॉलर) चुकाए जाएंगे. अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने भी कोर्ट में माना कि इस पूरे मामले से जुड़े सिक्योरिटीज में निवेशकों का एक भी पैसा नहीं डूबा है, जिससे सरकार का केस कमजोर हो गया था. इस ऐतिहासिक फैसले ने अडानी समूह को अमेरिका में चल रहे कानूनी विवादों से एक बहुत बड़ी और अंतिम राहत दे दी है.
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