IAF fighter Jet Update: भारतीय वायुसेना को अगले साल मार्च तक कम से कम छह तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) मिल जाएंगे. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डी.के. सुनील ने यह जानकारी दी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ हफ्ते पहले वायुसेना प्रमुख ने इन विमानों की डिलीवरी में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई थी.
HAL प्रमुख ने कहा कि इन देरी के पीछे मुख्य कारण अमेरिकी रक्षा कंपनी GE एयरोस्पेस द्वारा तेजस विमान के लिए इंजन समय पर न भेज पाना है. LCA Mk-1A वेरिएंट की डिलीवरी समय पर न हो पाने के कारण मामला गंभीर हो गया था और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इसे सार्वजनिक रूप से उठाया था.
डी.के. सुनील ने कहा, “तेजस Mk-1A विमान का निर्माण हमने कर लिया है. आज की तारीख में हमारे पास छह विमान तैयार खड़े हैं. लेकिन GE की ओर से इंजन की डिलीवरी नहीं हुई है. 2023 में इंजन मिलने थे, लेकिन अब तक सिर्फ एक ही इंजन मिला है.”
12 इंजन की डिलीवरी से तेजस की तैनाती को मिलेगी गति
उन्होंने बताया कि GE एयरोस्पेस इस वित्तीय वर्ष में कुल 12 इंजन देने वाला है, जिससे वायुसेना को विमानों की डिलीवरी संभव हो सकेगी. इंजन की देरी के पीछे कोविड महामारी के समय उत्पादन प्रभावित होना और कंपनी से कई अनुभवी इंजीनियरों का चले जाना प्रमुख कारण रहे. इससे आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें आईं. हालांकि, अब तकनीकी समस्याएं दूर कर ली गई हैं और HAL को उम्मीद है कि मार्च 2026 तक सभी 12 इंजन मिल जाएंगे.
HAL प्रमुख ने आश्वस्त करते हुए कहा, “हमारी ओर से कोई कमी नहीं है. हम विमान बनाकर तैयार कर चुके हैं. जैसे ही इंजन मिलेंगे, हम डिलीवरी शुरू कर देंगे.”
HAL की योजना है कि यदि इंजन की सप्लाई नियमित रही, तो अगले वर्ष 16 तेजस विमान तैयार कर लिए जाएंगे.
डील की प्रगति और भविष्य की योजना
गौरतलब है कि फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ ₹48,000 करोड़ का सौदा किया था, जिसके तहत 83 तेजस Mk-1A विमान वायुसेना को मिलने हैं. इसके अलावा मंत्रालय अब लगभग ₹67,000 करोड़ की लागत से 97 और तेजस विमानों की खरीद की तैयारी कर रहा है.
तेजस Mk-1A, एक सिंगल इंजन वाला मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे पुराने MiG-21 विमानों की जगह तैनात किया जाएगा. इस समय वायुसेना के पास 31 फाइटर स्क्वॉड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 होनी चाहिए.
तेजस को उच्च खतरे वाले क्षेत्रों में लड़ाई के लिए डिजाइन किया गया है और यह एयर डिफेंस, समुद्री निगरानी और हमला करने की क्षमताओं से लैस है. HAL प्रमुख ने इसे “विश्वस्तरीय लड़ाकू विमान” बताया, जिसमें आधुनिक रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और विभिन्न मिसाइलें शामिल हैं.
‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर की डिलीवरी 2028 से शुरू होगी
उन्होंने यह भी बताया कि कई देश तेजस में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और HAL उनके साथ बातचीत कर रहा है. हालांकि उन्होंने इन देशों के नाम का खुलासा नहीं किया. इसके अलावा सुनील ने ‘प्रचंड’ हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर को लेकर भी जानकारी दी. मार्च 2025 में रक्षा मंत्रालय ने HAL से 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था, जिसकी कीमत ₹62,700 करोड़ है. ये हेलीकॉप्टर 2028 से सेना को मिलना शुरू होंगे.
प्रचंड भारत में डिजाइन और विकसित किया गया पहला लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है, जो 4,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन में सक्षम है. HAL प्रमुख के मुताबिक, “चाहे तेजस हो या प्रचंड, HAL भारतीय रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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