
वैश्विक व्यापार

वैश्विक व्यापार और टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात आने वाले वर्षों में बढ़ता रहेगा. यह बात विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) संतोष कुमार सारंगी ने बुधवार को कही.
उन्होंने कहा कि निर्यातकों को मौजूदा व्यापारिक माहौल को समझदारी और व्यावहारिकता के साथ अपनाना होगा. इसके अलावा, भारत के पास निर्यात को बढ़ावा देने और उत्पादन क्षमता को मजबूत करने का सुनहरा अवसर है.
अमेरिका की टैरिफ नीतियों पर चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन सहित कई देशों पर टैरिफ लगाया है और उन्होंने 2 अप्रैल से भारत पर भी आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है. कुछ निर्यातकों को चिंता है कि इंजीनियरिंग और फार्मा सेक्टर पर यह शुल्क लागू होने से अमेरिका को होने वाला निर्यात प्रभावित हो सकता है. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.
सारंगी ने कहा कि इस साल भारत का वस्तु और सेवा निर्यात 800 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा. पिछले साल यह 778 अरब डॉलर था. हालांकि, हाल के महीनों में निर्यात में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन लंबी अवधि में निर्यातकों को ऑर्डर मिल रहे हैं. इससे यह साफ संकेत मिलता है कि भविष्य में निर्यात बढ़ेगा.
उद्योगों को मिल रहा सरकार का समर्थन
उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं (PLI), कारोबार में आसानी और घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने वाले कदम उद्योगों की मदद कर रहे हैं. फरवरी में भारत का वस्तु निर्यात लगातार चौथे महीने घटा है. यह 10.85% गिरकर 36.91 अरब डॉलर पर आ गया. अप्रैल-फरवरी 2024-25 में कुल 395.63 अरब डॉलर का निर्यात हुआ. वहीं, सेवा क्षेत्र का निर्यात 354.90 अरब डॉलर रहने का अनुमान है.
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के महानिदेशक अजय सहाई ने कहा कि टैरिफ संबंधी चिंताओं के बावजूद भारत का निर्यात अच्छी गति से बढ़ेगा. उन्होंने कहा, “ऑर्डर बुक की स्थिति अच्छी है. जैसे ही टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताएं खत्म होंगी, निर्यात में और तेजी आएगी.”
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-भारत एक्सप्रेस
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