
दिवंगत रामविलास पासवान के परिवार में एक बार फिर विवाद उभर आया है. इससे पहले पुत्र चिराग पासवान और पशुपति कुमार पारस के बीच राजनीतिक झगड़े ने खूब चर्चा बटोरी थी, अब पारिवारिक संपत्ति को लेकर नया विवाद सामने आया है.
रामविलास पासवान की पहली पत्नी, राजकुमारी देवी ने आरोप लगाया है कि उनके कमरों के दरवाजे पर ताला लगा दिया गया है. उन्होंने अपने सास-बहू के रिश्ते में खटास पैदा करने के लिए रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस और रामचंद्र पासवान की पत्नी पर घर से निकालने का आरोप लगाया है. यह घटना खगड़िया के अलौली प्रखंड के शहरबन्नी स्थित पासवान परिवार के घर में घटी है.
चिराग पासवान ने इस विवाद को गंभीरता से लिया और पार्टी के प्रधान महासचिव संजय पासवान तथा लोजपा रामविलास बिहार प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस मृणाल को स्थिति की जांच के लिए शहरबन्नी भेज दिया है. हालांकि, अब तक इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.
दो शादियां और संपत्ति का विवाद
रामविलास पासवान ने दो शादियां की थीं. उनकी पहली शादी राजकुमारी देवी से हुई थी, जबकि दूसरी शादी रीना शर्मा से की थी. बताया जाता है कि शहरबन्नी के घर के कुछ कमरों पर पशुपति कुमार पारस के परिजनों ने मालिकाना हक जताते हुए ताला लगा दिया.
राजकुमारी देवी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा, “इन लोगों ने पहले ही हमारे सारे खेतों पर कब्जा कर लिया है. हम एक शब्द नहीं बोले, अब हम बंटवारे की मांग कर रहे हैं. मेरा जो हक है, वह मुझे दिया जाए.”
राजनीतिक प्रतिक्रिया
प्रधान महासचिव संजय पासवान ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “पारस अपने भाई रामविलास पासवान को भगवान मानते थे, फिर भी उन्होंने भाभी मां को घर से बेघर कर दिया. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. वे बिहार को एकजुट करने की बात करते हैं, लेकिन अपने परिवार में ही एकजुटता नहीं दिखाते.”
लोजपा रामविलास के प्रवक्ता राजेश भट्ट ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी, कहा, “रामविलास पासवान की पत्नी और चिराग पासवान की मां, श्रीमती राजकुमारी देवी के साथ उनके पैतृक घर में सरकारी बॉडीगार्ड के सहारे किए गए इस व्यवहार की निंदा की जाती है. यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है.”
पासवान परिवार में पहले भी हो चुका है विवाद
रामविलास पासवान के निधन के बाद उनके भाई पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान के बीच पार्टी के बंटवारे को लेकर भी विवाद हुआ था. पारस ने पार्टी के सभी सांसदों को अपने साथ जोड़ लिया था, लेकिन चिराग पासवान ने दमदार वापसी की और राजनीति में अपनी अहम जगह बनाए रखी.
-भारत एक्सप्रेस
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