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चीन की बराबरी करने की ओर अग्रसर भारत, देश में बढ़ रहा Apple का उत्पादन

भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बाजार है. इसके बावजूद, iPhones की हिस्सेदारी सिर्फ 6-7% है. बाकी 94% बाजार पर एंड्रॉइड स्मार्टफोन का कब्जा है, जिनमें सैमसंग, ओप्पो, वीवो और श्याओमी जैसे ब्रांड शामिल हैं.

Growing Demand for iPhones

Apple iPhones- Pixabay

भारत में iPhone का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि, बिक्री और आय के मामले में भारत अभी चीन से काफी पीछे है. वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में, एप्पल ने भारत से $8 अरब का राजस्व कमाया, जो उसकी वैश्विक आय $391 अरब का सिर्फ 2% है. इसके मुकाबले, चीन से कंपनी ने $66.95 अरब यानी 17% राजस्व कमाया. FY26 तक भारत का राजस्व $11 अरब तक पहुंचने का अनुमान है.

भारत में बढ़ा iPhone निर्माण

FY24 में भारत में बने iPhones ने एप्पल की वैश्विक उत्पादन क्षमता का 14-15% योगदान दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 तक यह आंकड़ा 26-30% तक पहुंच सकता है. फिलहाल चीन और भारत एप्पल के मुख्य iPhone निर्माण केंद्र हैं.

भारत में बने 70% iPhones का निर्यात किया जाता है. यह आंकड़ा जल्द ही 80-85% तक बढ़ने की उम्मीद है. एप्पल ने 2020 में भारत को एक बड़े उत्पादन और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना शुरू किया. इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और वैश्विक मांग को पूरा करना था.

भारत में iPhone का मार्केट शेयर

भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बाजार है. इसके बावजूद, iPhones की हिस्सेदारी सिर्फ 6-7% है. बाकी 94% बाजार पर एंड्रॉइड स्मार्टफोन का कब्जा है, जिनमें सैमसंग, ओप्पो, वीवो और श्याओमी जैसे ब्रांड शामिल हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि एप्पल के पास भारत में अपनी बिक्री और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने का बड़ा मौका है. भारत में iPhones की बिक्री एप्पल के कुल राजस्व का 65-70% है. जबकि MacBook और अन्य उत्पादों की मांग भी धीरे-धीरे बढ़ रही है.

चीन की बराबरी संभव

भारत में iPhone निर्माण की गति चीन के बराबर पहुंचने की ओर है. अगले पांच साल में उत्पादन में बराबरी संभव है. हालांकि, बिक्री और आय के मामले में चीन को पकड़ने में भारत को 10-15 साल लग सकते हैं. कम प्रति व्यक्ति आय और भारी कीमतें भारत में एप्पल की तेजी से बढ़ती सफलता के सामने प्रमुख चुनौतियां हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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