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AI क्रांति की ओर भारत! भारत में सबसे तेज AI अपना रहीं कंपनियां, माइक्रोसॉफ्ट की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Microsoft 2025 Work Trend Index: कंपनियों में एआई से जुड़े नए रोल तैयार हो रहे हैं. 93 फीसदी नेताओं ने कहा कि उनकी कंपनियां वर्कफ्लो डिजाइनर और सॉफ्टवेयर ऑपरेटर जैसे एआई-फोकस्ड पदों पर विचार कर रही हैं.

Microsoft 2025 Work Trend Index

Microsoft 2025 Work Trend Index: भारतीय कंपनियां अब भविष्य की तैयारी के लिए अपने कामकाज के तरीकों में बड़ा बदलाव ला रही हैं. माइक्रोसॉफ्ट की नई रिपोर्ट “वर्क ट्रेंड इंडेक्स 2025” के मुताबिक, देश के 93 फीसदी कारोबारी नेता मानते हैं कि आने वाले 12 से 18 महीनों में उनकी कंपनियां कर्मचारियों की मदद के लिए एआई एजेंट्स का इस्तेमाल करेंगी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की कई कंपनियां पहले ही अपने ऑपरेशन्स को इस तरह डिजाइन कर रही हैं, जहां इंसान और एआई मिलकर काम करें. सर्वे में शामिल 59 फीसदी नेताओं ने बताया कि उनकी कंपनियां टीम और बिजनेस प्रोसेस में अलग-अलग कामों को ऑटोमेट करने के लिए एआई एजेंट्स का इस्तेमाल कर रही हैं. माइक्रोसॉफ्ट ने ऐसी कंपनियों को “फ्रंटियर फर्म्स” कहा है, जो कामकाज के नए ढांचे अपनाने में सबसे आगे हैं.

भारत में सबसे ज्यादा रणनीतिक बदलाव

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय कंपनियों में बदलाव की रफ्तार दुनिया के मुकाबले सबसे ज्यादा है. 90 फीसदी बिजनेस एक्जिक्यूटिव्स ने कहा कि यह साल बिजनेस मॉडल को नए सिरे से सोचने के लिए बेहद अहम है. 64 फीसदी कंपनियां एआई को अपनाकर उत्पादकता बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही हैं, जबकि ज्यादातर नेता मानते हैं कि डिजिटल एजेंट्स जल्द ही वर्कफोर्स की क्षमता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे.

नए रोल और नई जिम्मेदारियां तय कर रही कंपनियां

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कंपनियों में एआई से जुड़े नए रोल तैयार हो रहे हैं. 92 फीसदी नेताओं ने कहा कि उनकी कंपनियां वर्कफ्लो डिजाइनर और सॉफ्टवेयर ऑपरेटर जैसे एआई-फोकस्ड पदों पर विचार कर रही हैं. आधे से ज्यादा नेता मानते हैं कि जल्द ही टीमें मल्टी-एजेंट सिस्टम्स बनाकर जटिल कामकाज संभालेंगी.

इस बदलाव के बीच कंपनियां अपने कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने पर जोर दे रही हैं. 51 फीसदी एक्जिक्यूटिव्स ने कहा कि अगले एक साल में उनका सबसे बड़ा फोकस अपस्किलिंग यानी कर्मचारियों को नई तकनीक सिखाना होगा. वहीं 63 फीसदी मैनेजर्स का मानना है कि अगले पांच सालों में एआई ट्रेनिंग टीमों की रोजमर्रा की जिम्मेदारी बन जाएगी.

भारतीय वर्कफोर्स तैयार एआई अपनाने के लिए तैयार

माइक्रोसॉफ्ट की रिपोर्ट बताती है कि भारत इस बदलाव के लिए तैयार है. देश के करीब दो-तिहाई कर्मचारी और 80 फीसदी कारोबारी नेता पहले ही एआई एजेंट्स से परिचित हैं. इसका मतलब है कि भारतीय वर्कफोर्स अब एआई को उत्पादकता का साझेदार मानने के लिए तैयार हो चुका है.

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ग्लोबल स्तर पर तेज़ी से बढ़ा एआई का इस्तेमाल

दुनिया भर में माइक्रोसॉफ्ट के Copilot ऐप्स के अब 10 करोड़ से ज्यादा मासिक सक्रिय यूजर्स हैं. यह माइक्रोसॉफ्ट 365 के इतिहास में सबसे तेजी से अपनाई गई तकनीक बन गई है. माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, हर महीने 80 करोड़ से ज्यादा लोग एआई फीचर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. पिछले तिमाही में ही ग्राहकों ने Copilot Studio के जरिए 10 लाख से ज्यादा कस्टम एआई एजेंट्स बनाए.

भारत बन रहा है मिसाल

कंपनी का कहना है कि भारतीय कंपनियां सिर्फ एआई को आजमा नहीं रहीं, बल्कि उसे तेजी से अपने कामकाज में स्केल कर रही हैं. यह बदलाव इस ओर इशारा करता है कि आने वाले वक्त में भारत में कामकाज का मॉडल एआई-ड्रिवन यानी एआई-आधारित होगा.

– भारत एक्सप्रेस



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