जनवरी से मार्च 2025 के बीच भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ने मजबूत प्रदर्शन किया है. एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में होटल कारोबार में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है. वर्ष 2028 तक इस क्षेत्र में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की संभावना जताई जा रही है. यह आंकड़ा 2024 में हुए 340 मिलियन डॉलर के लेन-देन से कई गुना ज्यादा है.
राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही में प्रति उपलब्ध कमरे से राजस्व (RevPAR) 16.3% बढ़ा है. यह वृद्धि 2024 की पहली तिमाही की तुलना में दर्ज की गई. अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच भी RevPAR में 8% की बढ़त देखी गई थी, जो इस वृद्धि के लगातार जारी रहने का संकेत है.
नए होटलों की बड़ी संख्या में शुरुआत
जनवरी-मार्च 2025 के दौरान 79 नए होटल खुल चुके हैं. इसके साथ भारत में कुल ब्रांडेड होटलों की संख्या 9,478 हो गई है. इससे यह साफ है कि निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर में लगातार बना हुआ है. जेएलएल होटल्स इंडिया के एमडी जयदीप डांग ने बताया कि बेंगलुरु ने 38.3% RevPAR ग्रोथ के साथ देश भर में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया. यह वृद्धि मुख्य रूप से Aero India 2025 जैसे बड़े आयोजनों की वजह से संभव हुई.
अन्य प्रमुख शहरों का योगदान
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में 26.2% की वृद्धि, मुंबई में 21.3% की वृद्धि और चेन्नई में 18.7% की वृद्धि हुई है. यहां कॉर्पोरेट यात्रा और मेले जैसे USICON और चमड़ा मेला मुख्य कारण रहे. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तिमाही में 31 नए ब्रांडेड होटल (3,253 कमरे) खुल चुके हैं. यह विकास भविष्य में भी जारी रहने की संभावना को दर्शाता है.
लंबी अवधि में निवेश का भरोसा
डांग का कहना है कि भारत का होटल उद्योग लचीलापन दिखा रहा है. निवेशक अब सिर्फ तात्कालिक फायदे नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति भी अपना रहे हैं. 2028 तक 1 अरब डॉलर का निवेश इसी रुझान का प्रमाण है.
-भारत एक्सप्रेस
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