सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में बढ रहा भारत
Semiconductor Industry: भारत का सेमीकंडक्टर चिप मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक 100-110 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. डीडी न्यूज के अनुसार, डिजिटलीकरण और ऑटोमेशन की बढ़ती मांग के कारण यह वृद्धि संभव हो रही है.
सरकार की पहल
सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. 2021 में भारत सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत 76,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ की गई. इस मिशन का उद्देश्य चिप निर्माण, डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग और चिप डिजाइन में निवेश को प्रोत्साहित करना है, ताकि भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला में एकीकृत हो सके.
वैश्विक प्रतिस्पर्धा
वर्तमान में ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देश सेमीकंडक्टर उद्योग में हावी हैं. ताइवान दुनिया की 60% से अधिक सेमीकंडक्टरों का उत्पादन करता है, जिसमें लगभग 90% अत्याधुनिक चिप्स शामिल हैं. हालांकि, भारत भी इस क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है.
भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग, जो वर्तमान में 40 बिलियन यूएस डॉलर का है, 2030 तक 100 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. भारत सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से विदेशी निवेश को आकर्षित कर रही है और घरेलू चिप उत्पादन को मजबूत करने के लिए कई पहल कर रही है. वैश्विक आर्थिक विशेषज्ञ भी इस बात को कहते हैं कि भारत दुनिया में सेमीकंडक्टर का एक प्रमुख निर्यातक बन सकता है, जिसका देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ होगा.
भविष्य की संभावनाएं
माइक्रोन टेक्नोलॉजी जैसे कंपनियां भारत में सेमीकंडक्टर पैकेजिंग सुविधाओं की स्थापना के लिए बातचीत कर रही हैं, जिससे भारत का वैश्विक बाजार में योगदान बढ़ेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की इस क्षेत्र में प्रगति न केवल आर्थिक विकास को बढ़ाएगी, बल्कि देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी. भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग भविष्य में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभरने की राह पर है.
Also Follow Bharat Express on X
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




