वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान अमेरिका, यूएई और चीन भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) क्षेत्र के लिए शीर्ष तीन निर्यात गंतव्य बनकर उभरे हैं. नीदरलैंड और जर्मनी देश के इलेक्ट्रॉनिक निर्यात के लिए अन्य प्रमुख निर्यात गंतव्य हैं.
Electronics निर्यात 47 फीसदी बढ़ा
आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जून के दौरान निर्यात 47% बढ़कर 12.41 अरब डॉलर हो गया. एक अधिकारी ने कहा, “यह भौगोलिक विस्तार वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) आपूर्ति श्रृंखला में भारत के बढ़ते एकीकरण को दर्शाता है तथा एशिया में एक विश्वसनीय वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र के रूप में देश के उभरने को रेखांकित करता है.”
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना हुआ है, जिसकी हिस्सेदारी 60.17% है, इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (8.09%), चीन (3.88%), नीदरलैंड (2.68%), और जर्मनी (2.09%) का स्थान है. आंकड़ों से यह भी पता चला है कि भारत के रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी) के लिए अमेरिका प्रमुख निर्यात गंतव्य बना हुआ है. कुल शिपमेंट में इसकी हिस्सेदारी 34.11% है. अमेरिका के बाद यूके (8.81%), यूएई (7.85%), जर्मनी (5.51%) और स्पेन (5.29%) का स्थान है.
इस वित्त वर्ष की अप्रैल-जून अवधि के दौरान सभी वस्त्रों के आरएमजी का निर्यात बढ़कर 4.19 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 3.85 बिलियन डॉलर था.
अधिकारी ने कहा, “ये आंकड़े वैश्विक परिधान बाजार में भारत की निरंतर प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाते हैं, जिसे इसके कुशल विनिर्माण आधार, विविध उत्पाद पेशकशों और गुणवत्ता एवं अनुपालन के लिए बढ़ती प्रतिष्ठा का समर्थन प्राप्त है.”
भारत का आरएमजी क्षेत्र, जो कपड़ा उद्योग का एक प्रमुख स्तंभ है, ने वित्त वर्ष 2025 के दौरान 10.03% की वृद्धि दर्ज करते हुए 15.99 बिलियन डॉलर का कारोबार किया, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 14.53 बिलियन डॉलर था.
इसी प्रकार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जून के दौरान समुद्री निर्यात 19.45% बढ़कर 1.95 बिलियन डॉलर हो गया. 2024-25 में ये निर्यात 45% की मामूली वृद्धि के साथ 7.41 बिलियन डॉलर हो गया. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान इन निर्यातों में सुधार का श्रेय मुख्य रूप से अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों से मजबूत मांग को दिया जाता है, जो 37.63% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है.
यह भी पढ़ें- भारत का ऑटोमोबाइल निर्यात अप्रैल-जून तिमाही में 22 प्रतिशत बढ़ा
इसके बाद चीन (17.26%), वियतनाम (6.63%), जापान (4.47%), और बेल्जियम (3.57%) का स्थान रहा. उत्पाद पेशकश में विविधता, बेहतर कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स और अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का अनुपालन वैश्विक समुद्री खाद्य बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को बनाए रखने में सहायक रहे हैं.
इलेक्ट्रॉनिक (Electronics) सामान, आरएमजी और समुद्री उत्पादों में भारत के निर्यात प्रदर्शन पर करीब से नजर डालने से एक सामान्य सूत्र का पता चलता है – परिपक्व, उच्च मूल्य वाले बाजारों पर मजबूत निर्भरता. अधिकारी ने कहा, “अमेरिका लगातार तीनों क्षेत्रों में अग्रणी गंतव्य के रूप में उभर रहा है, जो भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापार साझेदार के रूप में उसकी स्थिति को रेखांकित करता है.”
Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




