Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

भारत की टॉप 10 कंपनियों का कुल मूल्य 96 लाख करोड़ रुपये पार, सऊदी अरब के जीडीपी से अधिक

भारत की शीर्ष 10 कंपनियों का कुल मूल्य 96 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है, जो सऊदी अरब के जीडीपी से भी अधिक है, और यह भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि का प्रतीक है.

companies

2024 की बर्गंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 रिपोर्ट के अनुसार, भारत की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों का कुल मूल्य अब 96 लाख करोड़ रुपये (लगभग 1.1 ट्रिलियन डॉलर) तक पहुंच गया है, जो सऊदी अरब की पूरी जीडीपी से भी अधिक है. ये कंपनियां अब भारत के कुल जीडीपी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बनाती हैं और भारत की टॉप 500 कंपनियों के कुल मूल्य का 30% हिस्सा हैं. पिछले एक साल में इन कंपनियों का मूल्य 22.7 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है, जो भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र में एक जबरदस्त वृद्धि का संकेत है.

महत्वपूर्ण योगदान करने वाली कंपनियां

इन कंपनियों की वृद्धि में कई प्रमुख योगदानकर्ता हैं. भारती एयरटेल ने 75% की वृद्धि दर्ज की, जिससे उसने 4 लाख करोड़ रुपये का मूल्य जोड़ा. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 201% की वृद्धि दर्ज की और इसका मूल्य 4.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. रिलायंस इंडस्ट्रीज, जो मुकेश अंबानी द्वारा नेतृत्व की जा रही है, 17.5 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ पहले स्थान पर बनी हुई है, जो पिछले वर्ष से 12% अधिक है.

इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 16.1 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्य के साथ दूसरे स्थान पर है, जिसमें 30% की वृद्धि हुई है. एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, और आईसीआईसीआई बैंक टॉप 5 कंपनियों में शामिल हैं, जिनमें भारती एयरटेल ने 75% की शानदार वृद्धि दर्ज की है.

2024 बर्गंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500: भारत के शीर्ष उद्यमों की झलक

2024 बर्गंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 रिपोर्ट, जो बर्गंडी प्राइवेट, एक्सिस बैंक के प्राइवेट बैंकिंग बिजनेस और हुरुन इंडिया द्वारा लॉन्च की गई है, भारत की 500 सबसे मूल्यवान कंपनियों को रैंक करती है. इन कंपनियों को उनके बाजार पूंजीकरण (सूचीबद्ध कंपनियों के लिए) या मूल्यांकन (गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए) के आधार पर रैंक किया जाता है. इस सूची में शामिल होने के लिए कंपनियों का न्यूनतम मूल्य 9,580 करोड़ रुपये होना चाहिए (जो लगभग 1.1 अरब डॉलर के बराबर है). इन कंपनियों का औसत आयु 43 साल है.

इस सूची में सम्मिलित कंपनियों का कुल मूल्य 324 लाख करोड़ रुपये (लगभग 3.8 ट्रिलियन डॉलर) है, जो भारत के जीडीपी से भी अधिक है. ये कंपनियां 84 लाख लोगों को रोजगार देती हैं, 2.2 लाख करोड़ रुपये का कर भुगतान करती हैं और 10,939 करोड़ रुपये को CSR पहल के लिए आवंटित करती हैं.

भारत की कंपनियों की वैश्विक मौजूदगी और महिलाओं की हिस्सेदारी

इस रिपोर्ट में महिलाओं की प्रतिनिधित्व को लेकर एक सकारात्मक रुझान भी दिखा है. अब 17% बोर्ड सीटें महिलाओं के पास हैं. इसके अलावा, 296 कंपनियों (59% कुल) की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति है, जिससे भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान को भी बल मिल रहा है.

कंपनियों की मूल्य वृद्धि और नए रुझान

2024 बर्गंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 रिपोर्ट के अनुसार, 364 कंपनियों ने अपने मूल्य में वृद्धि देखी, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. इस साल 82 नई कंपनियां सूची में शामिल हुई हैं, जो पिछले साल से 21 अधिक हैं. मोटिलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने 297% की शानदार वृद्धि के साथ सबसे तेज़ विकास दिखाया, इसके बाद इनॉक्स विंड और Zepto का नाम आता है, जिनका मूल्य लगभग तीन गुना बढ़ गया.

नए एंटरप्राइजेज और स्टार्टअप्स

रिपोर्ट में 82 नए एंटरप्राइजेज की बात की गई है, जिनमें सूचीबद्ध कंपनियों में वारे एनर्जी, एसआरएफ और प्रीमियर एनर्जी शामिल हैं. गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में आदानी रियल्टी, अपर्णा कंस्ट्रक्शन्स एंड एस्टेट्स और शाही एक्सपोर्ट्स शामिल हैं. इन नए एंटरप्राइजेज का संयुक्त मूल्य 18.8 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष के कुल से दोगुना है.

वित्तीय सेवा और हेल्थकेयर सेक्टर का प्रभुत्व

रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय सेवाएं और हेल्थकेयर सेक्टर सूची में सबसे प्रमुख क्षेत्र रहे हैं, जिनमें क्रमशः 63 और 59 कंपनियां शामिल हैं. इसके बाद उद्योग उत्पादों के क्षेत्र में 52 कंपनियां हैं.

2024 बर्गंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 रिपोर्ट ने भारत की कंपनियों की अद्वितीय वृद्धि को दर्शाया है. इन कंपनियों का कुल मूल्य पिछले वर्ष की तुलना में 40% बढ़कर 324 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के प्रभाव को और अधिक मजबूत बनाता है.


ये भी पढ़ें:भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत स्थिर राजनीतिक व्यवस्था में है, हालिया चुनावों में BJP की जीत ने और मजबूत किया: रिपोर्ट


-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital