केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित विझिंजम पोर्ट पर आज एक बड़ा कार्यक्रम हुआ. अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने पोर्ट के दूसरे चरण की नींव रखी. यह दिन केरल के आर्थिक भविष्य और भारत की समुद्री रणनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
करण अदाणी ने कहा कि विझिंजम इतिहास और भविष्य के बीच खड़ा है. सदियों से केरल का तट वैश्विक व्यापार से जुड़ा रहा है. अब विझिंजम के जरिए यह भूमिका फिर से जीवित हो रही है. यहां विश्व स्तर की सुविधाएं, बड़ा पैमाना और राष्ट्रीय उद्देश्य जुड़ रहे हैं.
परियोजना की शुरुआत
करण अदाणी ने कहा कि भविष्य की बात करने से पहले, विझिंजम को संभव बनाने वाली दृष्टि को मानना जरूरी है. ऐसे राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट एक सरकार या एक समय के नहीं होते. विझिंजम कई प्रशासनों और पार्टियों की राजनीतिक इच्छाशक्ति का नतीजा है. उन्होंने दिवंगत ओमान चांडी का जिक्र किया, जिनके नेतृत्व में यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ और गति मिली. चांडी जी का विश्वास था कि विझिंजम केरल के लिए बड़ा बदलाव लाएगा. यह आधार आज की प्रगति की नींव है.
मुख्यमंत्री का योगदान
करण अदाणी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन जी की सराहना की. उन्होंने कहा कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग से नहीं, बल्कि राजनीतिक स्पष्टता, प्रशासनिक अनुशासन और लंबे समय के कमिटमेंट से सफल होते हैं. मुख्यमंत्री का लगातार समर्थन जटिलता, पैमाने और चुनौतियों के बीच विझिंजम को राष्ट्रीय और वैश्विक संपत्ति बनाने में केंद्रीय रहा है. अदाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री का समर्थन न होता तो यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं होता. वे निवेशक के लिए सबसे बड़ा सहारा बने. दिल से धन्यवाद दिया.
करण अदाणी ने विपक्ष के नेता वी डी सतीशन जी और सांसद शशि थरूर जी का भी आभार जताया. उनका लगातार समर्थन इस प्रोजेक्ट को मिला. ऐसी द्विदलीय सहयोग निवेशकों, उद्योग और दुनिया को मजबूत संदेश देता है. केरल के लंबे हितों के लिए राजनीतिक मतभेद अलग हो जाते हैं और साझा उद्देश्य सामने आता है.
सरबानंद सोनोवाल की मौजूदगी
यह प्रोजेक्ट सहकारी संघवाद का मजबूत उदाहरण है. करण अदाणी ने केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल की मौजूदगी पर सम्मान जताया. उनका नेतृत्व भारत की नई समुद्री महत्वाकांक्षा को दिखाता है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बंदरगाह आधारित विकास भारत की आर्थिक वृद्धि का रणनीतिक स्तंभ बन गया है.
विझिंजम बंदरगाह की उपलब्धियां
करण अदाणी ने कहा कि कम समय में विझिंजम ने दिखाया कि दृष्टि, निष्पादन और साझेदारी से क्या संभव है. व्यावसायिक संचालन के सिर्फ 15 महीनों में यह भारत का सबसे तेज एक मिलियन टीईयू संभालने वाला बंदरगाह बना. इससे केरल वैश्विक शिपिंग मानचित्र पर मजबूती से आ गया.
दूसरे चरण के विस्तार की योजना
आज दूसरे चरण की नींव रखते हुए, हम सिर्फ बंदरगाह नहीं बढ़ा रहे, बल्कि राष्ट्रीय क्षमता बढ़ा रहे हैं. दूसरे चरण में 16,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश होगा. कुल कमिटमेंट 30,000 करोड़ रुपये का है. विझिंजम की क्षमता 1 मिलियन टीईयू से बढ़कर 2029 तक 5.7 मिलियन टीईयू हो जाएगी. यह केरल में किसी बिजनेस हाउस का सबसे बड़ा निवेश है. विझिंजम भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनेगा. यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री हब होगा. यह भारत का सबसे तकनीकी रूप से उन्नत बंदरगाह भी बनेगा. यह भविष्य के भारतीय बंदरगाहों का प्रकाशस्तंभ होगा.
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