सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में बढ रहा भारत
भारत विकास की दौड़ में सभी क्षेत्रों को साथ लेकर काम कर रहा है. इसी कारण भारत का IT सेक्टर बड़ी तेजी से बूम कर रहा है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के छात्रों ने 20 चिपसेट डिजाइन किए हैं. इसमें से आठ को बनने के लिए भेजा जा चुका है. यह भारत में घरेलू सेमीकंडक्टर बनाने के लिए दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने दावा किया है कि इस साल के अंत तक भारत में निर्मित पहला व्यावसायिक स्तर का सेमीकंडक्टर चिप बनाया जाएगा.
अश्विनी वैष्णव ने IIT हैदराबाद के 14वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे थे. यहां उन्होंने बात करते हुए भारत के सेमीकंडक्टर विकास की बात की है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत टॉप-5 सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन करने वाले देशों में शामिल हो जाएगा. इसके लिए सरकार, कॉलेज और स्टार्टअप्स तेजी से काम कर रहे हैं.
सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत का विकास
- चिपसेट डिज़ाइन: IIT के छात्रों ने 20 चिपसेट डिजाइन किए हैं और उनमें से आठ को वैश्विक फाउंड्री और मोहाली में सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी में निर्माण के लिए भेजा गया है.
- सरकारी पहल: भारत का सेमीकंडक्टर मिशन और AIKosh जैसी सरकारी पहल से इस विकास को समर्थन मिल रहा है.
- सेमीकंडक्टर फैब्स: जुलाई 2025 तक भारत में छह सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र (fabs) स्वीकृत या विकास के अधीन हैं.
- इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में वृद्धि: भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात $40 बिलियन से अधिक हो गया है, जो पिछले 11 वर्षों में आठ गुना वृद्धि दर्शाता है.
- छात्रों की भागीदारी: IIT हैदराबाद के 700 छात्रों ने इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन टूल्स का उपयोग करते हुए पिछले छह महीनों में कुल 300,000 घंटे बिताए हैं.
5 शीर्ष देशों में शामिल होगा भारत
AIKosh प्लेटफ़ॉर्म केंद्र का ओपन-सोर्स कृत्रिम बुद्धिमत्ता संसाधन प्लेटफ़ॉर्म है. अब यह 880 डेटा सेट और 200 से अधिक मॉडल उपलब्ध कराता है. केंद्रीय मंत्री मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में शीर्ष-5 सेमीकंडक्टर देशों में से एक बन जाएगा. उन्होंने सेमीकंडक्टर अनुसंधान में वृद्धि का श्रेय सरकार द्वारा 270 कॉलेजों और 70 स्टार्टअप्स को नवीनतम इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन टूल्स प्रदान करने को दिया.
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