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Maha Kumbh के चलते फ्लाइट बुकिंग में 162% की बढ़ोतरी, पर्यटकों से भरे होटल

प्रमुख महानगरों से प्रयागराज और आसपास के हवाई अड्डों के लिए एकतरफा फ्लाईट किराया 30 दिन पहले बुक करने पर औसतन 7,000-10,000 रुपये के बीच है. हालांकि, भोपाल-प्रयागराज जैसे कुछ मार्गों पर, पीक डिमांड और सीमित उड़ान उपलब्धता के कारण किराया एकतरफा 17,000 रुपये तक बढ़ गया है.

पवित्र शहर प्रयागराज कई भारतीय और विदेशी पर्यटकों की सूची में सबसे ऊपर है क्योंकि लोग दुनिया के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ के लिए इकट्ठा होते हैं. इससे उड़ानों और होटलों की मांग में भारी उछाल आया है.

कंपनियों की राय

टेंपल कनेक्ट और इंटरनेशनल टेंपल कन्वेंशन एंड एक्सपो (ITCX) के संस्थापक गिरेश कुलकर्णी ने कहा कि 2025 का महा कुंभ जीवन में एक बार आने वाला अवसर है क्योंकि यह 148 वर्षों के बाद वापस आया है. अन्य कुंभों के विपरीत, महा कुंभ में एक विशेष ब्रह्मांडीय संरेखण होता है, जो इस आयोजन को और अधिक आध्यात्मिक महत्व देता है.

इक्सिगो (Ixigo) के ग्रुप CEO आलोक बाजपेयी ने बताया कि पिछले कुंभ के दौरान केवल एक (दिल्ली) की तुलना में प्रयागराज अब 20 से अधिक गंतव्यों से सीधी और वन-हॉप उड़ानों के माध्यम से जुड़ा हुआ है. इस वर्ष के मेले में तीर्थयात्रियों और अन्य पर्यटकों को लाने में प्लेन सर्विस महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. वाराणसी और लखनऊ जैसे नजदीकी हवाई अड्डों पर बुकिंग में 127 और 42 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है.

मेकमाईट्रिप (MakeMyTrip) के सह-संस्थापक और समूह सीईओ राजेश मागो ने कहा कि आयोजन के शुरुआती और अंतिम सप्ताहों के दौरान यात्रा की मांग विशेष रूप से अधिक है.

उन्होंने कहा कि प्रयागराज के लिए सर्चिंग में साल-दर-साल 23 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है. महाकुंभ से विदेशी पर्यटकों के आगमन (एफटीए) में भी वृद्धि होने की उम्मीद है, जबकि यह कोविड-पूर्व स्तरों से कम है.

ईजमाईट्रिप (EaseMyTrip) के सीईओ और सह-संस्थापक रिकांत पिट्टी ने कहा, “हमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से बड़ी संख्या में बुकिंग मिली है, जिसमें बड़े समूह की बुकिंग भी शामिल है. यह दिलचस्पी सिर्फ़ 50 साल या उससे ज़्यादा उम्र के यात्रियों की ही नहीं है, बल्कि युवा लोगों की भी है जो महाकुंभ का अनुभव करने के लिए उत्साहित हैं.”

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के अध्यक्ष राजीव मेहरा ने कहा कि इस कुंभ में विदेशी समूहों की संख्या पिछले कुंभ की तुलना में कहीं ज्यादा है. यह उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा किए गए व्यापक प्रचार अभियान के कारण है. उड़ानों के साथ-साथ ट्रेनें भी महाकुंभ के लिए जाने वाले पर्यटकों से भरी हुई हैं.

इक्सिगो ट्रेन्स और कन्फर्मटिकट के सीईओ दिनेश कुमार कोठा ने कहा, “प्रयागराज के लिए ट्रेन बुकिंग में पिछले साल की तुलना में 187 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. दिलचस्प बात यह है कि 57 प्रतिशत बुकिंग अकेले यात्रियों की है, जिनमें से 39 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि ग्रुप बुकिंग 43 प्रतिशत है.”

अधिक किराया

प्रमुख महानगरों से प्रयागराज और आसपास के हवाई अड्डों के लिए एकतरफा फ्लाईट किराया 30 दिन पहले बुक करने पर औसतन 7,000-10,000 रुपये के बीच है. हालांकि, भोपाल-प्रयागराज जैसे कुछ मार्गों पर, पीक डिमांड और सीमित उड़ान उपलब्धता के कारण किराया एकतरफा 17,000 रुपये तक बढ़ गया है.

मुख्य स्नान तिथियों से पहले यात्रा के लिए किराए में भी वृद्धि हो रही है. उदाहरण के लिए, इक्सिगो के अनुसार, मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों से 27 जनवरी के लिए नॉन-स्टॉप उड़ानों का किराया 27,000 रुपये एकतरफा है. प्लेटफ़ॉर्म ने महाकुंभ के लिए एक माइक्रोसाइट भी लॉन्च की है, जिसमें यात्रा और आवास विकल्पों, सुरक्षा युक्तियों, अनुष्ठानों और गतिविधियों के बारे में विवरण है.

क्लियरट्रिप (Cleartrtip) के मुख्य व्यवसाय और विकास अधिकारी अनुज राठी ने कहा कि जयपुर, बेंगलुरु, नागपुर, कोच्चि और मुंबई जैसे शहरों से प्रयागराज के लिए हवाई किराए में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 3 गुना वृद्धि हुई है.

कॉक्स एंड किंग्स (Cox and Kings) के अध्यक्ष रामलिंगम एस. ने कहा कि दिल्ली-प्रयागराज और मुंबई-वाराणसी प्रमुख फीडर रूट हैं, जहां यातायात में उछाल देखा जा रहा है. अहमदाबाद और पुणे जैसे टियर 2 शहरों से उत्तर प्रदेश के गंतव्यों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स की मांग और कीमतें भी बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा, “महाकुंभ की खास तारिखों पर दिल्ली, हैदराबाद और कोलकाता जैसे शहरों से प्रयागराज और लखनऊ के लिए हवाई किराए में 70 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है.”

टेंट टाउन

राजेश मागो ने कहा कि इस आयोजन में 2,000 टेंट वाले मिनी सिटी की मांग बहुत अधिक है, क्योंकि भक्त इस आयोजन के केंद्र के करीब एक शानदार अनुभव चाहते हैं.

गिरेश कुलकर्णी ने कहा, “लोग टेंट इसलिए चुनते हैं क्योंकि वे त्रिवेणी संगम (तीन नदियों के संगम पर एक पवित्र स्थल) के करीब रहना चाहते हैं. टेंट में रहना उत्सव के अंदर रहने जैसा है. कई लोग दूर किसी होटल में रहने और कुंभ की यात्रा करने के बजाय इसे पसंद करते हैं. अभी यह लगभग 50 प्रतिशत भरा हुआ है, लेकिन जैसे-जैसे बहुत से लोग अंतिम समय में बुकिंग करेंगे, चीजें बढ़ेंगी. साथ ही, 2024 के यूपी चुनावों के कारण इस बार भूमि आवंटन में थोड़ी देरी हुई. टेंट लगाने के लिए अंतिम समय में बहुत भीड़ थी. लेकिन सरकार समय पर काम पूरा करने में सक्षम थी.”

कुलकर्णी ने बताया कि एक टेंट की कीमत 12,500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये प्रति रात तक हो सकती है. प्रीमियम डिग जैसे अल्टीमेट ट्रैवलिंग कैंप के शानदार टेंट, जिनकी कीमत 1 लाख रुपये प्रति रात है, शाही स्नान के दिनों सहित प्रमुख तिथियों के लिए पहले से ही पूरी तरह से बुक हैं.

रिकांत पिट्टी ने बताया कि IRCTC के महाकुंभ ग्राम और UPSTDC टेंट कॉलोनी जैसे अन्य विकल्प बेसिक से लेकर डीलक्स तक कई तरह के कमरे उपलब्ध कराते हैं, जिनकी कीमत 1,500 रुपये से लेकर 35,000 रुपये प्रति रात तक है. इलाके के लग्जरी होटल 11,000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये प्रति रात के बीच चार्ज कर रहे हैं, जबकि कुछ प्रीमियम होटल 40,000 रुपये तक चार्ज कर रहे हैं.


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-भारत एक्सप्रेस



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