Urdu Conclave 2026

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ग्रांट थॉर्नटन भारत की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली तिमाही में भारत के उपभोक्ता और खुदरा क्षेत्र ने निजी इक्विटी और एमएंडए (विलय और अधिग्रहण) गतिविधि में व्यापक उछाल के बीच तीन वर्षों में सबसे अधिक सौदे हुए.

रिपोर्ट में बताया गया कि यह आंकड़ा प्री-कोविड से पहले वित्त वर्ष 2019 में बने पीक के बराबर होगा. कमर्शियल वाहनों की मांग में तेजी आने की वजह इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और रिप्लेसमेंट मांग का बढ़ना और पीएम-ईबस सेवा स्कीम से सपोर्ट मिलना है.

बाजार पर नजर रखने वालों के अनुसार, नकारात्मक शुरुआत के बाद निफ्टी को 23,000, 23,200 और इसके बाद 23,300 पर सपोर्ट मिल सकता है.

Inflation rate in india: मार्च 2025 में खुदरा महंगाई घटकर 3.34% पर पहुंच गई, जो अगस्त 2019 के बाद सबसे कम है. सब्जियों की कीमतों में गिरावट इसका मुख्य कारण रही.

FY25 में भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने शानदार प्रदर्शन किया. पैसेंजर व्हीकल्स, टू-व्हीलर्स और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी गई, जबकि निर्यात में भी जबरदस्त उछाल आया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना “दोस्त” बताया है. दोनों देश आतंकवाद, तकनीक और व्यापार में सहयोग बढ़ा रहे हैं. तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण और व्यापार समझौते की वार्ता से रिश्ते मजबूत हो रहे हैं.

आंकड़ों के अनुसार, ऑर्गेनिक प्रोसेस्ड फूड का निर्यात 129.61 मिलियन डॉलर से बढ़कर 154.01 मिलियन डॉलर, मेडिशनल प्लांट प्रोडक्ट का निर्यात 72.42 मिलियन डॉलर से बढ़कर 88.57 मिलियन डॉलर पहुंच गया है.

थोक मुद्रास्फीति, उत्पादक कीमतों का एक प्रमुख मापक है. यह मार्च में वर्ष-दर-वर्ष 2.05% बढ़ी, जबकि फरवरी में यह 2.38% थी.

भारत के शेयर बाजार ने अमेरिकी शुल्कों से हुए नुकसान को पार कर लिया है. निफ्टी 50 में 2.4% की बढ़त, घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत, और वैश्विक मंदी से मुकाबला करने की क्षमता के संकेत.

America ने Chinese Products पर टैरिफ बढ़ाकर 245% कर दिया है. ट्रंप प्रशासन ने चीन की जवाबी कार्रवाई को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया. भारत समेत अन्य देशों को राहत मिली.