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भारत के UPI से सीख सकते हैं दूसरे देश- यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज बिजनेस स्कूल

UPI की वृद्धि यह दर्शाती है कि सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि विकसित की गई तकनीक नागरिकों के लिए उपयोग में आसान हो और इसमें नियमित रूप से नवाचार होते रहें.

UPI

यूपीआई

यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज बिजनेस स्कूल के लीड इनोवेशन हब के प्रोफेसर कार्लोस मोंटेस ने कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अन्य देशों के लिए एक सीखने योग्य मॉडल हो सकता है, जिससे वे इसे अपनाने के लिए विचार कर सकते हैं. प्रोफेसर मोंटेस भारत में एनएक्सटी कॉन्क्लेव 2025 में भाग लेने के लिए आए हैं, जो 28 फरवरी और 1 मार्च को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है.

साल 2025 में UPI के माध्यम से लगभग 17 अरब लेनदेन किए गए

जनवरी 2025 में UPI के माध्यम से लगभग 17 अरब लेनदेन किए गए. राष्ट्रीय राजधानी में UPI के प्रदर्शन के बाद, मोंटेस ने कहा कि उन्हें यह भुगतान प्रणाली देखकर खुशी हुई. UPI की वृद्धि यह दर्शाती है कि सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि विकसित की गई तकनीक नागरिकों के लिए उपयोग में आसान हो और इसमें नियमित रूप से नवाचार होते रहें. यही कारण है कि भारत में UPI को इतनी तेजी से अपनाया गया है. उन्होंने कहा कि अन्य देश भी इस अनुभव से सीख सकते हैं और इसे अपनाने के तरीके खोज सकते हैं.

UPI कैसे करता है काम?

वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के आर्थिक सलाहकार सुधीर श्याम ने कहा कि वे यह समझने में रुचि रखते हैं कि UPI कैसे काम करता है. भारत में यह भुगतान प्रणाली अत्यधिक लोकप्रिय हो गई है और इसे वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिल रही है. UPI प्रणाली पहले ही 7 देशों – यूएई, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, सिंगापुर, श्रीलंका और मालदीव में लागू हो चुकी है. इसके अलावा, फ्रांस, पेरू, त्रिनिदाद और टोबैगो, और नामीबिया सहित 4 अन्य देशों में भी इस पर काम चल रहा है.

अन्य देशों ने भी UPI में दिखाई रुचि

श्याम ने कहा कि कुछ अन्य देशों ने भी UPI में रुचि दिखाई है. आज एक छोटे स्तर पर इसका प्रदर्शन भी किया गया. UPI का लेनदेन वॉल्यूम तेजी से बढ़ रहा है और इस तेज़ वृद्धि का मुख्य कारण इसकी सरल भुगतान प्रणाली है. UPI की सरलता ने इसे बड़े पैमाने पर अपनाने में मदद की है.

वर्तमान में 80 से अधिक ऐप्स UPI पर हैं लाइव

इसके लॉन्च के बाद से अब तक 465.2 मिलियन अद्वितीय उपयोगकर्ता UPI से जुड़े हैं. यह भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा 2016 में विकसित एक त्वरित भुगतान प्रणाली और प्रोटोकॉल है. वर्तमान में 80 से अधिक ऐप्स UPI पर लाइव हैं. सिर्फ जनवरी 2025 में ही 17 अरब लेनदेन पूरे हुए हैं.

-भारत एक्सप्रेस 



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