Vizhinjam Port
Vizhinjam Port: केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सी पोर्ट ने मंगलवार से पूरी तरह एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (EXIM) संचालन शुरू कर दिया. इसके साथ ही बंदरगाह के विकास में एक अहम पड़ाव जुड़ गया है. अब यहां ट्रांसशिपमेंट के साथ भारत से आयात और निर्यात होने वाले माल को भी संभाला जा सकेगा.
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने नए चरण का उद्घाटन किया. इस दौरान उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालिकुट्टी, विधायक एम. विंसेंट, समुद्री क्षेत्र के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.
दुनिया के लिए गेटवे बन सकता है विजिंजम
सीएम सतीशन ने विझिंजम में EXIM संचालन शुरू होने को गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा कि यह बंदरगाह केरल को वैश्विक व्यापार से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. उन्होंने बंदरगाह की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के साथ निजी निवेश बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया.
बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने की क्षमता
विझिंजम प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से करीब 10 नॉटिकल मील की दूरी पर स्थित है. यहां प्राकृतिक रूप से 18 से 20 मीटर गहरा ड्राफ्ट है, जिससे बंदरगाह अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (ULCVs) जैसे बड़े जहाजों को संभाल सकता है.
विझिंजम में दिसंबर 2024 से व्यावसायिक संचालन शुरू हुआ था. इसके बाद बंदरगाह पर 1,100 से अधिक जहाज पहुंचे और 22.8 लाख से ज्यादा TEUs का कारोबार संभाला गया. इनमें 80 से अधिक अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स शामिल हैं.
भारत को विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता होगी कम
EXIM संचालन शुरू होने से भारत के आयात-निर्यात माल को विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब के जरिए भेजने की जरूरत कम हो सकती है. इससे माल पहुंचने में लगने वाला समय घटेगा और लॉजिस्टिक्स की लागत भी कम होने की उम्मीद है.
विझिंजम बंदरगाह से केरल के साथ तमिलनाडु और कर्नाटक को भी फायदा मिलेगा. इससे दक्षिण भारत के कारोबार को वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है. परियोजना से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है.
16 हजार करोड़ रुपये से होगा विस्तार
विजिंजम बंदरगाह के फेज-2 विस्तार पर करीब 16,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इस विस्तार के बाद दिसंबर 2028 तक बंदरगाह की सालाना क्षमता बढ़कर 57 लाख TEUs हो जाएगी. फेज-2 में करीब 1,200 मीटर लंबा कंटेनर बर्थ, स्थायी रेल कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क संपर्क, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
EXIM संचालन शुरू होने के साथ विजिंजम अब केवल ट्रांसशिपमेंट हब तक सीमित नहीं रहेगा. यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक गेटवे के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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