Bharat Express DD Free Dish

जमुई कांड के मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, FIR के बाद स्पीड ट्रायल की तैयारी; नाबालिग छात्रा से बदसलूकी के विरुद्ध बिहार में विपक्षियों का प्रदर्शन

Jamui Girl Harassment Case: बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की से छेड़खानी में अब तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले में चर्चित महिला आईपीएस अधिकारी के.एस. अनुपम को जांच एवं आवश्यक पुलिसिया कारवाई का जिम्मा सौंपा.

Jamui Girl Harassment Case bihar

बिहार में जमुई की घटना

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

जमुई/पटना, 22 सितंबर: बिहार के जमुई जिले में 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ सरेराह हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों के बाद इस पूरे मामले की जांच और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी बिहार की चर्चित और सख्त महिला आईपीएस अधिकारी के. एस. अनुपम (एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर) को सौंपी गई है. के. एस. अनुपम की कमान संभालते ही पुलिस एक्शन में तेजी आई है.

मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार

22 सितंबर की शाम तक मिली रिपोर्ट के अनुसार, मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें से पांच बालिग आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस जब आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही थी, तभी मुख्य आरोपी नंदन यादव और उसके एक साथी हरे राम यादव ने भागने की कोशिश की. खुद को घिरता देख नंदन यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे पहले सोमवार को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों को भी निरुद्ध किया था.

स्पीड ट्रायल और सख्त कानूनी धाराएं

एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) के. एस. अनुपम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना 19 सितंबर की शाम की है, जिसका वीडियो 21 सितंबर को वायरल हुआ था. पुलिस ने बिना किसी औपचारिक शिकायत के स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए टाउन थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. के. एस. अनुपम ने स्पष्ट किया है कि अब इस मामले को स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) के जरिए जल्द से जल्द मुकाम तक पहुंचाया जाएगा ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके.

वीडियो वायरल करने वालों पर भी नकेल

नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वायरल वीडियो पर भी प्रशासन सख्त है. पुलिस ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को वीडियो हटाने के लिए टेकडाउन नोटिस जारी किया है तथा पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने वाले करीब 120 प्रोफाइल संचालकों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

इस मामले पर भारत एक्सप्रेस पर पहले प्रकाशित खबरों को आप यहां पढ़ सकते हैं:

‘सड़क पर चीखती रही लड़की, नहीं माने मनचले!’ बिहार में कपल से बदसलूकी का VIDEO वायरल

बिहार में जमुई की घटना पर पुलिस का एक्शन, एफआईआर के बाद तीन आरोपी हिरासत में लिए गए



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read