Urdu Conclave 2026

10वीं का पेपर अच्छा नहीं गया? टेंशन छोड़िए, इस बार बोर्ड दे रहा है साल बचाने का शानदार मौका! जानें क्या करें

सीबीएसई ने 2025-26 सत्र से 10वीं के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं का नियम लागू कर दिया है. अगर मुख्य परीक्षा में अंक कम आते हैं या आप फेल हो जाते हैं, तो मई में दोबारा परीक्षा देकर साल बचा सकते हैं.

CBSE, 10th Board Exam, Two Exam Scheme 2026

CBSE 10th Board Exam 2026: सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं. अक्सर देखा जाता है कि पहले या दूसरे पेपर के बाद छात्र इस तनाव में आ जाते हैं कि अगर नंबर कम आए या पेपर उम्मीद के मुताबिक नहीं गया, तो क्या होगा? लेकिन इस बार घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. 2025-26 के इस शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

अब बोर्ड ‘टू-एग्जाम स्कीम’ लेकर आया है, जिसका सीधा मतलब है कि अगर पहली बार में बात नहीं बनी, तो आपको पूरा साल बर्बाद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ये नया सिस्टम क्या है और आप इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं.

क्या है ये ‘दूसरा मौका’ और किसे मिलेगा फायदा?

नए नियमों के अनुसार, अगर किसी छात्र को लगता है कि उसके मुख्य विषयों (जैसे मैथ्स, साइंस या सोशल साइंस) में नंबर कम रह गए हैं, तो वह अपने स्कोर को सुधारने के लिए दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठ सकता है. बोर्ड ने छात्रों को अधिकतम तीन विषयों में नंबर सुधारने की छूट दी है.

इतना ही नहीं, यह नियम उन छात्रों के लिए भी राहत भरा है जो किसी एक विषय में पिछड़ गए हैं. अगर कोई स्टूडेंट गणित या किसी एक्स्ट्रा सब्जेक्ट में फेल हो जाता है, तो वह ‘कंपार्टमेंट’ कैटेगरी के तहत मई में होने वाली दूसरी परीक्षा देकर अपना साल बचा सकता है.

जरूरी तारीखें और रजिस्ट्रेशन का खेल

सिस्टम को बहुत ही सुलझा हुआ रखा गया है. फरवरी-मार्च में होने वाली पहली परीक्षा को ‘मुख्य परीक्षा’ माना जाएगा. इसका रिजल्ट अप्रैल तक आने की संभावना है. रिजल्ट के तुरंत बाद दूसरी परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे. बोर्ड मई 2026 में दूसरी परीक्षा आयोजित करेगा और जून तक इसके नतीजे भी जारी कर दिए जाएंगे. यानी कॉलेज एडमिशन या अगली क्लास में जाने से पहले आपके हाथ में फाइनल मार्कशीट होगी.

ये भी पढ़ें- CBSE Board Exam: क्या आप भी एग्जाम से एक रात पहले कर रहे हैं ‘ओवरटाइम’? जान लें ये 6 बातें वरना मेहनत पर फिर जाएगा पानी

क्या दूसरी परीक्षा देना सबके लिए जरूरी है?

नहीं, यह पूरी तरह छात्र की इच्छा पर निर्भर है. हालांकि, एक शर्त बेहद जरूरी है: दूसरी परीक्षा में बैठने के लिए आपको पहली परीक्षा देना अनिवार्य है. बोर्ड ने साफ किया है कि छात्र को पहली बार में कम से कम चार विषयों की परीक्षा में शामिल होना होगा. जो छात्र पहली परीक्षा में बिल्कुल नहीं बैठेंगे, उन्हें मई वाले दूसरे राउंड में मौका नहीं मिलेगा.

अच्छी बात यह है कि दूसरी परीक्षा के लिए आपको कुछ भी नया नहीं पढ़ना है. सिलेबस, एग्जाम पैटर्न और सवालों का लेवल बिल्कुल पहली परीक्षा जैसा ही रहेगा. यह उन छात्रों के लिए एक ‘बैकअप प्लान’ की तरह है जो परीक्षा के दिन बीमार हो गए थे या किसी वजह से अपना बेस्ट नहीं दे पाए.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read