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JEE Main 2026: क्या इस बार 95 पर्सेंटाइल पर मिलेगा मौका? जानें अपनी कैटेगरी के हिसाब से संभावित कटऑफ

इंजीनियरिंग के सपनों को नई उड़ान देने वाली परीक्षा JEE Main 2026 शुरू होने वाली है. लाखों छात्रों की नज़र अब संभावित कटऑफ पर है. विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते कॉम्पिटिशन की वजह से इस बार क्वालीफाइंग स्कोर ऊपर जा सकता है.

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JEE Main 2026 Cutoff: अगर आप या आपके घर में कोई इस साल इंजीनियरिंग में करियर बनाने का सपना देख रहा है, तो जाहिर है कि आपकी नजरें JEE Main 2026 पर टिकी होंगी. भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली JEE Main का पहला सत्र 21 से 29 जनवरी 2026 के बीच होने जा रहा है.

लाखों छात्रों की मेहनत का फैसला बस कुछ ही दिनों में होने वाला है, लेकिन एग्जाम हॉल से बाहर निकलने के बाद जो सबसे बड़ा सवाल हर छात्र के दिमाग में घूमता है, वो है- “कटऑफ कितना जाएगा?”

दरअसल, कटऑफ वो जादुई आंकड़ा है जो तय करता है कि आप IIT की रेस में शामिल होंगे या नहीं. चलिए आज समझते हैं कि इस बार का गणित क्या कह रहा है.

दो तरह के होते हैं कटऑफ

अक्सर छात्र और पेरेंट्स कटऑफ को लेकर उलझ जाते हैं. असल में यह दो तरह का होता है:

क्वालीफाइंग कटऑफ: यह वो पर्सेंटाइल है, जिसे पार करने के बाद आप ‘JEE Advanced’ देने के हकदार बनते हैं.

एडमिशन कटऑफ: यह वो रैंक होती है, जो आपको NITs, IIITs या सरकारी संस्थानों में सीट दिलाती है.

आज हम बात कर रहे हैं क्वालीफाइंग कटऑफ की, जो आपकी मेहनत को एक सही दिशा देता है.

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JEE Main 2026: क्या रह सकता है संभावित स्कोर?

पिछले कुछ सालों के ट्रेंड और छात्रों की बढ़ती संख्या को देखें, तो कॉम्पिटिशन का लेवल काफी ऊपर चला गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार कटऑफ में थोड़ी बढ़ोतरी देखी जा सकती है. नीचे दी गई टेबल से आप अपनी कैटेगरी के हिसाब से एक मोटा अंदाजा लगा सकते हैं:

JEE Main 2026 Cutoff

कटऑफ पर किन चीजों का असर पड़ता है?

आप सोच रहे होंगे कि ये आंकड़े कैसे तय होते हैं? इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं. सबसे पहले छात्रों की संख्या, हर साल रिकॉर्ड तोड़ छात्र फॉर्म भर रहे हैं, जिससे हर एक पर्सेंटाइल के लिए लड़ाई बढ़ गई है. दूसरा है पेपर का लेवल, अगर पेपर बहुत कठिन आता है, तो कटऑफ थोड़ा नीचे गिर सकता है, लेकिन अगर पेपर आसान रहा, तो ये आंकड़े और ऊपर जा सकते हैं. और तीसरा है उपलब्ध सीटें.

छात्रों के लिए सलाह

अगर आप जनरल कैटेगरी से हैं, तो 95 पर्सेंटाइल का टारगेट लेकर चलना एक सुरक्षित दांव होगा. याद रखें, ये आंकड़े पिछले सालों के अनुभव पर आधारित हैं और फाइनल रिजल्ट आने पर इनमें थोड़ा बदलाव संभव है.

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-भारत एक्सप्रेस



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