Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनावों के ऐलान के बाद एनडीए और महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर घमासान मचा हुआ है. जहां महागठबंधन में कांग्रेस और वीआईपी के मुकेश सहनी पेंच फंसाये हुए हैं. तो वहीं एनडीए में हम पार्टी के मुखिया और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ‘नाराज फूफा’ बने हुए हैं. एनडीए के प्रमुख साझेदारों में से एक जीतनराम मांझी ने अपनी नाराजगी ट्वीटर पर जाहिर करते हुए राष्ट्र कवि दिनकर की कविता कोट की है. जीतन राम मांझी ने कहा है कि मैंने अपनी मंशा गठबंधन के आलाकमान को बता दी है.
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि, मेरी ज्यादा मांग नहीं है. मैं बस अपनी पार्टी को मान्यता दिलाने भर सीटें मांग रहा हूं. मेरी पार्टी को 10 साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक पार्टी को मान्यता नहीं मिली है.
“हो न्याय अगर तो आधा दो,
यदि उसमें भी कोई बाधा हो,
तो दे दो केवल 15 ग्राम,
रखो अपनी धरती तमाम,
HAM वही ख़ुशी से खाएंगें,
परिजन पे असी ना उठाएँगे”— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) October 8, 2025
ट्वीटर पर व्यक्त की भावना
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने ट्वीटर पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता कोट की. जिसमें उन्होंने लिखा है ” दो न्याय अगर तो आधा दो, अगर इसमें भी यदि बाधा हो. तो दे दो केवल 15 ग्राम रखो अपनी धरती तमाम, HAM वहीं खुशी से खाएंगे, परिजन पर असी ना उठायेंगे.”
इसलिए अपमानित महसूस किये मांझी
जीतन राम मांझी ने अपना दुख जाहिर करते हुए बताया कि जब मतदाता सूची जारी की जा रही थी, तब हमें नहीं बुलाया गया क्योंकि मेरी पार्टी को मान्यता नहीं मिली है. ये देखकर मैंने बहुत अपमानित महसूस किया.
10 अक्टूबर को पटना में होगी बैठक
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मुझे ज्यादा का लोभ नहीं है, मुझे बस इतनी सीटें चाहिये, जिससे मेरी पार्टी को दर्जा मिल सके. इसको लेकर हमने 10 अक्टूबर को पटना में एक पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक बुलाई है, जिसमें सभी चीजें साफ हो जाएंगी. इस बैठक में हम अपनी स्ट्रेटजी लोगों के सामने रखेंगे.
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बीजेपी-जदयू में तय हो चुका बंटवारा
जानकारी के मुताबिक NDA में बीजेपी और जदयू के बीच सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है. बताया जा रहा है कि दोनों पार्टियां मिलाकर 205 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. इन सीटों में दोनों पार्टियां बराबर बंटवारा करेंगी, लेकिन अपने सहयोगी दलों जैसे HAM, LJP (राम विलास) और RLSP को आपेक्षित सीटें नहीं दी जा रही हैं. जिसकी वजह से टिकट बंटवारे में विलंब हो रहा है.
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी जीतन राम मांझी की पार्टी HAM को 7 सीटें, चिराग पासवान को 25 और उपेंद्र कुशवाहा की RLSP को 6 सीटें ऑफर की है. लेकिन जीतन राम मांझी पार्टी को मान्यता दिलाने के बहाने 15 सीटों पर अड़े हुए हैं. 2020 के विधानसभा चुनाव में हम पार्टी ने 7 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिसमें से 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी.
-भारत एक्सप्रेस
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