Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

J&K: निर्दलीय और मनोनीत विधायक निभाएंगे किंगमेकर की भूमिका, क्या इस फार्मूले पर बनेगी BJP सरकार?

भाजपा दूसरे दलों, निर्दल‍ियों और बागी उम्मीदवारों को साधने की कोशिश तभी करेगी, जब उसे सरकार बनाने के आसार नजर आएंगे.

BJP

सांकेतिक तस्वीर.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनावी नतीजें मंगलवार 8 अक्टूबर को घोषित क‍िए जाएंगे, लेकिन एग्जिट पोल के रुझानों के बाद सभी सियासी दल सूबे में सरकार गठन की संभावनाओं को तलाश रहे हैं. सूबे के तीनों मुख्य दल कांग्रेस, एनसी और भाजपा (BJP) अपनी-अपनी रणनीतियों के तहत सियासी बिसात बिछाने में लगी हुई हैं.

BJP में तेज हुई हलचल

भाजपा खेमे में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल साफ तौर पर देखी जा रही है. 90 सीटों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 46 सीटों के बहुमत का आंकड़ा पार करना होगा. लेकिन लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा की ओर से विधानसभा के लिए पांच लोगों को नॉमिनेट किये जाने के बाद विधायकों की कुल संख्या 95 हो जाएगी और बहुमत का आंकड़ा बढ़कर 48 हो जाएगा. ऐसे में भाजपा सत्ता हासिल करने के लिए तमाम विकल्पों पर विचार कर रही है.

BJP की उम्मीदें

दरअसल भाजपा (BJP) को उम्मीद है कि उसे जम्मू संभाग इलाके की 43 विधानसभा सीटों में से 32 से 35 सीटें मिल सकती हैं. वहीं कश्मीर संभाग की 47 विधानसभी सीटों पर बेहतर प्रदर्शन की भी भाजपा उम्मीद कर रही है. इसके साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं. इसको लेकर भाजपा ने फील्डिंग सजानी शुरू कर दी है.

बहुमत के दूर होने और सबसे बड़े दल के तौर पर उभरने पर भाजपा की कोशिश निर्दलीय और छोटी पार्टियों से जीते विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश करने का होगा. दरअसल जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने 62 सीटों पर ही चुनाव लड़ी है, बाकी 28 सीटों पर निर्दलीय और छोटे दलों को समर्थन किया था. ऐसे में भाजपा का यह दांव उसे सत्ता का मजबूत दावेदार बना सकता है.

दूसरे दलों और निर्दलीयों को साधने की कोशिश

भाजपा दूसरे दलों, निर्दल‍ियों और बागी उम्मीदवारों को साधने की कोशिश तभी करेगी, जब उसे सरकार बनाने के आसार नजर आएंगे. वहीं जम्मू कश्मीर एलजी के द्वारा नामित किए जाने वाले पांच विधायक सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं. मनोनीत सदस्य निर्वाचित विधायकों के बराबर काम करते हैं और उन्हें वोटिंग का अधिकार होता है. ऐसे में इनकी भूमिका किंगमेकर की हो सकती है.

यह भी पढ़ें- J&K: क्या है 5 मनोनीत विधायकों का मामला? जिसको लेकर NC-Congress ने खोला मोर्चा, सुप्रीम कोर्ट जाने की दी धमकी

कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन से पहले पांच विधायकों के मनोनयन पर पहले ही कड़ा विरोध जताया है और ऐसे किसी भी कदम को लोकतंत्र और संविधान के मूल सिद्धांतों पर हमला बताया है. आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद 90 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में मतदान हुआ है. चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Latest