AIADMK MLAs support TVK: तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से उतार-चढ़ाव और गठबंधन की कहानियों से भरी रही है लेकिन इस बार जो घटनाक्रम हुआ है उसने पूरे राज्य की सियासत को हिला दिया है. फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले AIADMK के 30 विधायकों ने अपनी पार्टी का साथ छोड़कर मुख्यमंत्री विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया. तमिलनाडु की राजनीति में AIADMK के 30 विधायकों का TVK के साथ आना सिर्फ विजय सरकार के लिए राहत नहीं है बल्कि कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान है और आने वाले चुनावी समीकरणों के लिए भी बड़ा संकेत है.
कांग्रेस की भूमिका पर सवाल
TVK को पहले से कांग्रेस की 5 सीटों का समर्थन था. लेकिन अब जब AIADMK के 30 विधायक विजय सरकार के साथ आ गए हैं, तो कांग्रेस का महत्व घट सकता है. कांग्रेस को लग सकता है कि TVK को अब उनकी ज़रूरत नहीं रही. ऐसे में कांग्रेस समर्थन वापस लेने पर विचार कर सकती है.
कांग्रेस को संभावित नुकसान
अगर कांग्रेस TVK का साथ छोड़ती है, तो उसे दोहरी मार झेलनी पड़ेगी. पहला, विधानसभा में उसकी राजनीतिक हैसियत कमजोर होगी. दूसरा, जनता के बीच यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस स्थिर सरकार का हिस्सा बनने से पीछे हट रही है. इससे उसकी विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है.
TVK की मजबूती
AIADMK के 30 विधायकों के जुड़ने से TVK का आंकड़ा इतना मजबूत हो गया है कि कांग्रेस का समर्थन वापस लेने पर भी सरकार पर कोई खतरा नहीं रहेगा. विजय सरकार अब सुरक्षित बहुमत के साथ आगे बढ़ सकती है.
2029 लोकसभा चुनाव पर असर
TVK को AIADMK के विधायकों का समर्थन मिलने से उसके वोट प्रतिशत पर भी असर पड़ेगा. 2029 लोकसभा चुनाव में TVK को AIADMK समर्थक वोटों का फायदा मिल सकता है. इससे TVK का जनाधार बढ़ेगा और कांग्रेस को नुकसान होगा. कांग्रेस के वोट शेयर में गिरावट आ सकती है क्योंकि AIADMK का बड़ा हिस्सा अब TVK के साथ खड़ा है.
AIADMK की पहचान पर संकट
AIADMK की स्थापना DMK का मुकाबला करने के लिए हुई थी लेकिन अब पार्टी के भीतर ही गुटबाजी और टूट ने उसकी पहचान को कमजोर कर दिया है. TVK के साथ जाने वाले विधायक जनता के जनादेश का सम्मान करने की बात कर रहे हैं, जबकि EPS गुट अलग-थलग पड़ गया है.
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DMK गठबंधन का विरोध
शनमुगम ने आरोप लगाया कि ईपीएस गुट डीएमके के साथ हाथ मिलाने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके की स्थापना ही डीएमके जैसी ताकतों का मुकाबला करने के लिए हुई थी. अगर हम डीएमके के साथ जाते तो पार्टी का अस्तित्व ही खत्म हो जाता.
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-भारत एक्सप्रेस
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