केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में चुनावी हुंकार भरी. बोलपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखे हमले किए और भ्रष्टाचार से लेकर महिला सुरक्षा तक के मुद्दों पर ममता सरकार को घेरा.
घोटालों की लंबी सूची और टीएमसी का ‘निशान’
अमित शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार संस्थागत हो चुका है. उन्होंने कहा, “कैश-फॉर-क्वेरी से लेकर कैश-फॉर-जॉब, मवेशी तस्करी से लेकर कोयला तस्करी, और पीडीएस घोटाले से लेकर अवैध जमीन कब्जाने तक आप किसी भी भ्रष्टाचार का नाम लें, हर जगह टीएमसी नेताओं के निशान मिलेंगे.” शाह के अनुसार, जनता इस ‘कुशासन’ से ऊब चुकी है और अब बदलाव चाहती है.
समान नागरिक संहिता (UCC) पर बड़ा वादा
चुनावी माहौल को गरमाते हुए शाह ने घोषणा की कि यदि भाजपा बंगाल में सत्ता में आती है, तो समान नागरिक संहिता (UCC) को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम उस व्यवस्था को खत्म करेंगे, जिसमें कुछ लोग एक साथ चार-चार शादियां करते हैं. राज्य में सभी के लिए एक समान कानून होगा.”
महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री के रहते राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और दुर्गापुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के शासन में महिलाएं रात 1 बजे भी बेखौफ होकर दोपहिया वाहन से बाहर निकल सकेंगी.
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असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी
मतदान के दौरान होने वाली हिंसा को लेकर शाह ने सख्त लहजे में चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यदि 23 और 29 अप्रैल को मतदान में बाधा डाली गई, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, “असामाजिक तत्वों को सलाह है कि मतदान के दिन घर में रहें, वरना 5 मई के बाद उन्हें ढूंढ-ढूंढकर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.”
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